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‘राम भक्तों पर चलाई गोलियां… बाबरी पर आंसू बहाए’, प्रतापगढ़ में कांग्रेस-सपा पर बरसे सीएम योगी

CM Yogi Adityanath attack: प्रतापगढ़ में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर राम मंदिर, बाबरी विवाद और रामभक्तों को लेकर तीखा हमला बोला.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने मंगलवार (7 जुलाई) को प्रतापगढ़ में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने दोनों दलों पर आरोप लगाया कि वे जनता के बीच जाति और धर्म के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, जबकि अतीत में उनका रुख पूरी तरह अलग रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जो दल कभी भगवान राम और भगवान कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वही आज आस्था की राजनीति करने का दावा कर रहे हैं.

प्रतापगढ़ के विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र में 384 करोड़ रुपये से अधिक की 111 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास और सांस्कृतिक विरासत, दोनों को समान प्राथमिकता दे रही है. उन्होंने कहा कि जनता अब उन राजनीतिक दलों की सोच और रणनीति को समझ चुकी है जो चुनावी फायदे के लिए समय-समय पर अपना रुख बदलते रहते हैं.

“घड़ियाली आंसू बहाए “

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि यह वही पार्टी है जिसने कभी भगवान राम और भगवान कृष्ण के अस्तित्व को स्वीकार नहीं किया था. अब वही अयोध्या और धार्मिक आस्था की बात करती नजर आ रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने बाबरी ढांचे के मुद्दे पर घड़ियाली आंसू बहाए और अब परिस्थितियां बदलने पर आस्था का सहारा लेकर जनता के बीच जाने की कोशिश कर रहे हैं.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग पहले सनातन परंपरा और धार्मिक भावनाओं को लेकर अलग रुख रखते थे, वे अब अपना राजनीतिक हित देखते हुए रंग बदल रहे हैं. उनके अनुसार ऐसे दलों को आस्था पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.

समाजवादी पार्टी पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि जिस पार्टी के शासनकाल में रामभक्तों पर गोलियां चलवाई गईं, वह आज भगवान राम और अयोध्या की बात कर रही है. उन्होंने कहा कि रामभक्त अगर अपनी आस्था की बात करें तो यह स्वाभाविक है, लेकिन जिन लोगों ने कभी उस आस्था का विरोध किया, उनका आज धार्मिक भावनाओं की बात करना केवल राजनीतिक अवसरवाद है.

धार्मिक स्थलों को लेकर भी उठाए सवाल

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सरकारों पर धार्मिक स्थलों की अनदेखी का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जिन संसाधनों का उपयोग हिंदू धार्मिक विरासत से जुड़े स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए होना चाहिए था, उनका इस्तेमाल कब्रिस्तानों की चारदीवारी बनाने में किया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे लोग आखिर किस आस्था की बात कर रहे हैं.


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विकास और विरासत साथ-साथ

अपने भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार विकास और सांस्कृतिक विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रही है. उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करना है. योगी ने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता अब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की राजनीति को अच्छी तरह समझ चुकी है और उनके बहकावे में आने वाली नहीं है.

-भारत एक्सप्रेस



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