(AI IMAGE)
Delhi AQI Today: देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का कहर अपने चरम पर पहुंच गया है. हवा में घुलते जहर के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) रिकॉर्ड स्तर को छू रहा है, जिससे दिल्लीवासियों को सांस लेने में भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.
दिल्ली में वायु प्रदूषण के चलते AQI 700 के पार पहुंच चुका है, जिससे स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है. जहरीली हवा और धुंध के कारण 5 से 20 नवंबर तक सभी प्रकार के निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर रोक लगा दी गई है. दीपावली तक हवा की गुणवत्ता में बड़े सुधार की उम्मीद कम ही जताई जा रही है.
दिल्ली में सांसों का संकट: AQI 700 पार, 20 नवंबर तक निर्माण कार्यों पर रोक
देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का कहर अपने चरम पर पहुंच चुका है. हवा में घुलते ज़हर के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) रिकॉर्ड स्तर को छू रहा है, जिससे दिल्लीवासियों को सांस लेने में भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.
प्रदूषण ने तोड़े सभी रिकॉर्ड
दिल्ली में तमाम कोशिशों के बावजूद हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार नज़र नहीं आ रहा है. गुरुवार को राजधानी का AQI 687 तक दर्ज किया गया, जिसे बहुत खराब श्रेणी का माना जाता है. शहर के कई इलाकों में तो प्रदूषण का स्तर 700 के आंकड़े को भी पार कर गया है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि दीपावली तक दिल्ली की आबो-हवा में राहत मिलने की संभावना बेहद कम है और स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी. इससे पहले गुरुवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 482 के आसपास दर्ज किया गया था.
5 से 20 नवंबर तक निर्माण गतिविधियों पर पाबंदी
गंभीर होते हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार और प्रशासन ने निर्माण (Construction) और तोड़फोड़ (Demolition) से जुड़ी तमाम गतिविधियों पर पाबंदी लगा दी है. यह प्रतिबंध 5 नवंबर से 20 नवंबर तक कड़ाई से लागू रहेगा. हालांकि इस तरह की पाबंदी से आने वाले दिनों में दिल्ली के विकास कार्यों की रफ्तार पर असर पड़ना तय है, लेकिन जहरीली हवा के बीच नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए इस तरह के सख्त कदम उठाना बेहद ज़रूरी हो गया था.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




