राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा (Dinesh Sharma) ने कहा है कि केंद्र सरकार देश की जनता को युद्ध के प्रभाव से बचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि गैस और पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता बनाए रखना और महंगाई पर नियंत्रण सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
महंगाई और ईंधन पर सरकार गंभीर
डॉ. शर्मा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर युद्ध जैसे हालात के बावजूद भारत में स्थिति नियंत्रण में है. सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए एक्साइज ड्यूटी कम की है और उर्वरकों व पेट्रो उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी हटाई गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष गैस संकट को लेकर अफवाह फैला रहा है और कुछ लोग कालाबाजारी करने की कोशिश कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री की भूमिका की सराहना
सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार हालात की समीक्षा कर रहे हैं, जिसके कारण देश में स्थिति सामान्य बनी हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि हाल के G20 सम्मेलन में भारत ने वैश्विक नेतृत्व की मजबूत छवि पेश की है.
विपक्ष और AAP पर निशाना
आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह अब “खास लोगों की पार्टी” बन गई है, जहां कार्यकर्ताओं के बजाय उद्योगपतियों को महत्व दिया जा रहा है.
जनसंख्या असंतुलन पर चिंता
डॉ. शर्मा ने राज्यसभा में उठाए गए अपने मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि देश में जनसंख्या संतुलन बिगड़ रहा है. आने वाले समय में भारत युवा देश से वृद्ध देश में बदल सकता है, इसलिए जनसंख्या संतुलन बनाए रखने की जरूरत है.
शिक्षा व्यवस्था में समानता की मांग
डॉ. शर्मा ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर कहा कि शिक्षण संस्थानों में समानता होनी चाहिए. हिंदू संस्थानों पर शिक्षा का अधिकार कानून लागू है, जबकि अल्पसंख्यक संस्थानों को छूट मिली हुई है. इसे समानता के अधिकार के अनुरूप बनाने की जरूरत है.
संत सम्मेलन में दिया संदेश
सखी हनुमान मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में संतों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “जहां संत हैं, वहीं बसंत है.” उन्होंने हनुमान जी और गोस्वामी तुलसीदास से जुड़ी कथा सुनाई और समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया. साथ ही उन्होंने अंग्रेजों पर समाज को बांटने का आरोप लगाया और कहा कि अंग्रजों ने भारत पर लंबे समय तक शासन करने के लिए सनातन समाज को जातियों में बांटने का काम किया और शिक्षा व्यवस्था को भी बदल दिया.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


