राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने शिक्षा और संस्कारों के महत्व पर जोर देते हुए कहा है कि एक अच्छे विद्यालय के स्पर्श मात्र से छात्र का जीवन पूरी तरह संवर जाता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वहां पर विद्यार्थियों को वास्तविक ज्ञान की अनुभूति होती है. डॉ. शर्मा बुधवार को गौतमबुद्ध नगर के नॉलेज पार्क, ग्रेटर नोएडा स्थित ‘स्पर्श ग्लोबल बिजनेस स्कूल’ में पीजीडीएम (PGDM) बैच के नवीन शैक्षणिक सत्र ‘आगमन’ के शुभारंभ के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे.
इस गरिमापूर्ण समारोह से सामने आई तस्वीर में मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश शर्मा को मंच पर संस्था के पदाधिकारियों द्वारा स्मृति चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित करते हुए देखा जा सकता है.
छात्र जीवन में होता है कुछ भी कर गुजरने का जज्बा
सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि छात्र जीवन का जोश बिल्कुल अलग तरह का होता है और इसमें कुछ भी कर गुजरने का एक अनोखा जज्बा होता है. उन्होंने कहा कि जीवन में कुछ भी असंभव नहीं है और व्यक्ति जो कुछ भी ठान लेता है, वह सब हासिल करना संभव है. उन्होंने छात्रों को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के विचारों की याद दिलाते हुए कहा कि हमेशा जीवन में बड़ा लक्ष्य या बड़ा सपना रखें और उसे पूरा करने के लिए कड़ा परिश्रम करें. इसके साथ ही उन्होंने युवाओं को नसीहत दी कि जीवन में ‘वहम’ और ‘अहम’ (अहंकार) दोनों से बचना चाहिए तथा वाणी में संयम रखना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है.
“वर्तमान सरकार देश में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के प्रयोग को लगातार बढ़ावा दे रही है, जिससे आने वाले समय में अंग्रेजी का वर्चस्व कम होने लगेगा. भारत की संस्कृति, संस्कार और यहां के त्योहार लोगों को आपस में जोड़ने का काम करते हैं. अंग्रेजों ने भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने का काम किया था, लेकिन आज समय के बदलाव ने दुनिया में भारत की पहचान को पूरी तरह बदल दिया है. आज पूरी दुनिया भारतीय युवाओं की मेधा शक्ति का लोहा मान रही है.”
– डॉ. दिनेश शर्मा, राज्यसभा सांसद
उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र निर्माण में योगदान की उम्मीद
इस विशेष अवसर पर डॉ. दिनेश शर्मा ने छात्र-छात्राओं के साथ राष्ट्र निर्माण, नैतिक नेतृत्व, नवाचार (इनोवेशन), उद्यमिता और उत्कृष्ट प्रबंधन कौशल के महत्व पर अपने बहुमूल्य विचार साझा किए. उन्होंने विश्वास जताया कि यह नया बैच ज्ञान, संस्कार और समर्पण के साथ अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करते हुए देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा. इस कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड की प्रधान आयकर आयुक्त सुनीता सिंह भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं.
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