लखनऊ की पॉश सोसायटी इमार गोमती ग्रीन्स (Emaar Gomti Greens) के निवासियों ने प्रदर्शन किया जिसमें भारी संख्या में स्थानीय महिलाएं भी उपस्थित रहीं. मामला सोसायटी के क्लब हाउस को बेचे जाने और बिल्डर की मनमानी से जुड़ा है, जिसने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है.
क्या है पूरा मामला?
सोसायटी के निवासियों का आरोप है कि इमार इंडिया ने नियम-कायदों को ताक पर रखकर क्लब हाउस को एक बाहरी एजेंसी को बेच दिया है. यह वही क्लब हाउस है जिसे निवासियों की सहूलियत और मनोरंजन के लिए बनाया गया था, लेकिन अब यहां कमर्शियल एक्टिविटीज (व्यावसायिक गतिविधियां) चल रही हैं.
वहां रहने वालों का कहना है कि बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ने से ना केवल सोसायटी की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है, बल्कि देर रात तक चलने वाले शोर-शराबे वाले कार्यक्रमों ने बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों का चैन छीन लिया है.

इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं. हाथों में बैनर और पोस्टर लिए निवासियों ने ना सिर्फ क्लब के गेट पर हल्ला बोला, बल्कि इमार इंडिया के ऑफिस तक जाकर अपना सांकेतिक विरोध दर्ज कराया. गुस्साए लोगों का कहना है कि जिस शांति के लिए उन्होंने यहाँ घर लिया था, बिल्डर ने उसे ही दांव पर लगा दिया है.
सिर्फ क्लब हाउस ही नहीं, निवासियों का दर्द और भी गहरा है. प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे रोज़ाना बिजली, पानी और सीवर जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं. शिकायत के बावजूद बिल्डर की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है.
सरकार और LDA को सीधी चेतावनी
आरडब्ल्यूए (RWA) अध्यक्ष राज किशोर राकेश के नेतृत्व में जुटे निवासियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. स्थानीय लोगों ने सरकार और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही क्लब हाउस को निवासियों के हवाले नहीं किया गया और अन्य बुनियादी समस्याएं दूर नहीं हुईं, तो यह आंदोलन और भी उग्र होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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