Hardoi cyber crime case: उत्तर प्रदेश की साइबर थाना पुलिस और हरदोई पुलिस ने मिलकर एक ऐसे शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल अपराध की दुनिया में पैर जमाने के लिए किया. प्रयागराज का रहने वाला विकास सिंह, जिसने साल 2019 में बड़े ही चाव से बीटेक (B.Tech) की डिग्री हासिल की थी, वह पिछले छह साल से इंटरनेट पर अश्लील वीडियो और तस्वीरें बेचने का एक बड़ा रैकेट चला रहा था. पुलिस ने जब इस तथाकथित इंजीनियर की ‘क्राइम कुंडली’ खंगाली, तो जांच अधिकारी भी हैरान रह गए. आरोपी के पास से करीब 10 हजार अश्लील वीडियो, 40 हजार तस्वीरें और बैंक खातों में ₹1.20 करोड़ से ज्यादा की रकम बरामद हुई है.
खुद का एआई (AI) वीडियो देख युवक ने खोली पोल
इस पूरे काले धंधे का भंडाफोड़ तब हुआ, जब हरदोई के रहने वाले एक युवक ने टेलीग्राम ऐप पर अपना खुद का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा तैयार किया गया एक अश्लील वीडियो देखा. पीड़ित युवक ने जब इसके बारे में अपने दोस्तों से पूछा, तो पता चला कि टेलीग्राम पर एक ऐसा ग्रुप है जो लोगों के प्राइवेट पलों के वीडियो और एआई जनरेटेड तस्वीरें बेचता है. पीड़ित ने तुरंत इसकी शिकायत हरदोई के साइबर सेल से की. पुलिस ने जब सर्विलांस की मदद ली, तो कड़ियां जुड़ती चली गईं और टीम सीधे प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में आरोपी विकास सिंह के घर पहुंच गई. 17 मई की रात पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया.
सब्सक्रिप्शन मॉडल पर चलाया अश्लीलता का बाजार
पूछताछ में पता चला कि आरोपी विकास सिंह ने ग्राहकों को लुभाने के लिए बकायदा नेटफ्लिक्स या हॉटस्टार जैसा एक सब्सक्रिप्शन मॉडल बना रखा था. उसने टेलीग्राम और इंस्टाग्राम पर 21 से ज्यादा सीक्रेट चैनल बना रखे थे, जिनसे लगभग 7,000 लोग जुड़े हुए थे. हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से ज्यादातर सदस्य स्कूल-कॉलेज जाने वाले नाबालिग बच्चे थे. वह ग्राहकों से इस तरह पैसे वसूलता था:
मंथली प्लान: ₹350 रुपये
क्वार्टरली प्लान: ₹450 रुपये
हाफ-इयरली प्लान: ₹600 रुपये
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गूगल लेंस और तकनीकी का गलत
पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) अंकित मिश्रा ने बताया कि विकास बेहद शातिर तरीके से काम करता था. यदि उसे इंटरनेट या सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति के निजी पलों का कुछ सेकेंड का क्लिप या स्क्रीनशॉट भी मिल जाता था, तो वह गूगल लेंस (Google Lens) और अन्य सर्च टूल्स का इस्तेमाल करके उस वीडियो की असली लोकेशन और वास्तविक फाइल तक पहुंच जाता था. वहां से पूरा वीडियो डाउनलोड कर वह अपने पेड टेलीग्राम चैनलों पर अपलोड कर देता था.
आरोपी विकास की क्राइम कुंडली, बरामदगी
विकास सिंह साल 2020 से ही इस अवैध धंधे में सक्रिय था और हर महीने लाखों रुपये की काली कमाई कर रहा था. पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और बरामदगी के आंकड़े नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं:
अपराध और जांच से जुड़े पहलू आंकड़े और अन्य ब्यौरा
आरोपी का नाम और योग्यता विकास सिंह (वर्ष 2019 में बीटेक पास)
सोशल मीडिया चैनल (मुख्य टेलीग्राम) 21 एक्टिव चैनल
चैनलों से जुड़े कुल मेंबर: लगभग 7,000 (अधिकांश नाबालिग बच्चे)
बरामद अश्लील सामग्री 10,000 वीडियो और 40,000 से अधिक तस्वीरें
बैंक खातों में सीज रकम ₹1,20,00000 (1.20 करोड़ रुपये – 4 बैंक खाते)
दर्ज की गई कानूनी धाराएं भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294 और आईटी एक्ट की धारा 67
पुलिस ने आरोपी के पास से इस्तेमाल किए जाने वाले महंगे स्मार्टफोन और लैपटॉप भी जब्त कर लिए हैं. कोर्ट ने विकास सिंह को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. पुलिस अब उन बैंक खातों की गहनता से जांच कर रही है जिसमें यह रकम ट्रांसफर की गई थी, साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है.
- भारत एक्सप्रेस
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