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40 दिनों में मिला न्याय: मासूम को 8 बार पटकने वाले जितेंद्र को फांसी, सजा सुनते ही कोर्ट में खुद को मारने लगा थप्पड़

फिरोजाबाद के चर्चित आरव हत्याकांड में कोर्ट ने महज 40 दिनों के भीतर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा दी है. एकतरफा प्यार में अमानवीयता की हदें पार करते हुए जितेंद्र ने 8 बार सड़क पर पटककर डेढ़ साल के मासूम की जान ले ली थी.

Firozabad Aarav Murder Case: Convict Jitendra Pathak Sentenced To Death

Firozabad Aarav Murder Case: फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में एक डेढ़ साल के मासूम बच्चे आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को जिला एवं सत्र न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई है. मामले में पुलिस की मुस्तैदी और अदालत की तेजी की बदौलत वारदात के महज 40 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल गया.

6 दिन में चार्जशीट और 13 गवाह

इस जघन्य हत्याकांड को लेकर जनता में भारी गुस्सा था, जिसे देखते हुए पुलिस ने केवल छह दिनों के भीतर अपनी जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी. अदालत ने भी मामले की संवेदनशीलता को समझा और रोजाना सुनवाई की. सरकारी वकील राजीव प्रियदर्शी के मुताबिक, अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के सामने 13 मजबूत गवाह और पुख्ता सबूत पेश किए. इन सभी साक्ष्यों के आधार पर जिला जज ने जितेंद्र पाठक को दोषी मानते हुए मौत की सजा सुना दी.

कहा जा रहा है कि यह जिले के इतिहास में सबसे तेज गति से निपटाए गए मामलों में से एक है. शुक्रवार को जब कोर्ट में फैसला सुनाया गया, तो परिसर में भारी पुलिस बल तैनात था. सजा सुनते ही दोषी जितेंद्र रो पड़ा और कोर्ट रूम में ही खुद को थप्पड़ मारने लगा, जिसे पुलिस ने तुरंत काबू किया.

क्या था मामला?

दरअसल, आरव की मां रति देवी का अपने पति से विवाद चल रहा था और वह पिछले पांच महीनों से मायके में रह रही थीं. इसी दौरान पति का रिश्तेदार जितेंद्र पाठक उनके संपर्क में आया. उसने रति के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे रति ने साफ ठुकरा दिया.

इसी बात की खुन्नस लेकर जितेंद्र 30 मई को शिकोहाबाद पहुंचा, जहां रति किसी काम से आई थीं. जितेंद्र ने टॉफी दिलाने के बहाने डेढ़ साल के मासूम आरव को अपनी गोद में लिया और कुछ दूरी पर ले जाकर महज 27 सेकंड के भीतर 8 बार उसे बेरहमी से सड़क पर पटका. इस क्रूरता के कारण आरव की मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद वह बच्चे के शव को घर के बाहर फेंककर भाग गया था.

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-भारत एक्सप्रेस



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