Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

डेंगू-मलेरिया के खिलाफ संयुक्त लड़ाई, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विशेष अभियान किया लॉन्च

उत्तर प्रदेश में डेंगू, मलेरिया और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया, जिसमें 2554 नई एंबुलेंस सेवा भी समर्पित की गईं. स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से मृत्यु दर में भारी गिरावट आई और एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम भी बेहतर हुआ.

Brajesh Patha

डेंगू-मलेरिया व मच्छर जनित अन्य बीमारियों को हम मिलकर हराएंगे. संयुक्त प्रयास से इन बीमारियों पर काबू पाएंगे. वर्ष 2017 से पहले स्वास्थ्य विभाग की क्या स्थिति थी, यह किसी से छिपी नहीं है. आज हम आमजन को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं. यह कहना है प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का. उन्होंने मंगलवार को विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के प्रथम चरण का शुभारंभ किया.

राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (इंदिरा नगर) में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के शुभारंभ एवं नई एंबुलेंसों के फ्लैग ऑफ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है. डेंगू, मलेरिया, जैपनीज इंसेफेलाइटिस, दिमागी बुखार जैसे रोगों पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार द्वारा यह विशेष अभियान आयोजित किया जाता है.

2554 नई एंबुलेंस आमजन को कीं समर्पित

उन्होंने जानकारी दी कि स्वास्थ्य विभाग सहित 13 विभागों द्वारा संयुक्त रूप से यह अभियान संचालित होता है. इस अभियान के चलते पूर्वांचल में दिमागी बुखार के अभिशाप से मुक्ति मिली एवं प्रदेश में अन्य संचारी रोगों पर भी रोकथाम हुई.

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज कार्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से जो 2554 नई एंबुलेंस खरीदी गई हैं, यह विश्व में सबसे बड़ा एंबुलेंस क्रय है. सरकार की एंबुलेंस सेवा के माध्यम से प्रदेश में औसतन रोजाना 16,703 मरीजों को सहायता प्रदान की जा रही है. गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और पांच साल तक के बच्चों को मुफ्त में एंबुलेंस सेवा प्रदान की जाती है.

30 अप्रैल तक चलेगा विशेष अभियान

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि आज से (एक अप्रैल से 30 अप्रैल) एक माह तक विशेष संचारी रोग अभियान का प्रथम चरण एवं दस अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलने वाले दस्तक अभियान की शुरुआत हुई है. वर्ष 2017 की तुलना में एईएस (एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम) रोगियों की मृत्यु दर में 98 प्रतिशत एवं जेई यानि जापानी इंसेफेलाइटिस के रोगियों की मृत्यु दर में 97 प्रतिशत की कमी आई है.

2017 के बाद से स्वास्थ्य सुविधाओं में निरंतर सुधार के चलते डेंगू रोग से मृत्यु दर 0.91 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2024 में 0.06 हुई है. डेंगू रोग की मृत्यु दर में भी 93 प्रतिशत की कमी आई है. वहीं, मलेरिया रोग के कुल केसेज में 58 फीसदी की कमी आई है. मलेरिया जांचों में 6.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

एंबुलेंस का औसतन रिस्पांस टाइम घटा

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि वर्ष 2017 से पूर्व 108 एंबुलेंस का औसतन रिस्पांस टाइम 16.40 मिनट था, जो अब घटकर वर्तमान में 7.7 मिनट हो गया है. वहीं, वर्ष 2017 में 102 एंबुलेंस का औसतन रिस्पांस टाइम 9.5 मिनट था, जो अब घटकर वर्तमान में 6.25 मिनट हो गया. एंबुलेंस के सबसे कम रिस्पांस टाइम में यूपी देश में पहले नंबर पर है. इससे लाखों मरीजों की जान बचाई गई है.

इनकी रही उपस्थिति

कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा एवं सदस्य विधान परिषद संतोष सिंह, सदस्य विधान परिषद मुकेश शर्मा, सदस्य विधान परिषद रामचंद्र प्रधान, सदस्य विधान परिषद पवन सिंह चौहान, विधायक लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र नीरज बोरा, विधायक लखनऊ पूर्वी विधानसभा क्षेत्र ओपी श्रीवास्तव, सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण रितु महेश्वरी, मिशन निदेशक, एनएचएम डॉ पिंकी जोएल, डीजी हेल्थ डॉ रतन पाल सिंह सुमन, महानिदेशक प्रशिक्षण डॉ पवन कुमार अरुण, अपर निदेशक, लखनऊ डॉ जीपी गुप्ता, सीएमएस, लखनऊ डॉ एनबी सिंह व अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे.

ये भी पढ़ें: अखिलेश के बयान के बाद ‘इत्र और गोमूत्र’ पर जंग, गोकशी करने वालों को आ रही गोबर में दुर्गंध

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital