उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ के दौरान 13 साल का एक मासूम बच्चा अमिताभ गुप्ता अपनी फरियाद लेकर सीधे जिला मजिस्ट्रेट (DM) के सामने पहुंच गया. प्रशासनिक अधिकारियों के सामने बड़े-बड़े लोग बोलने से कतराते हैं, लेकिन इस मासूम ने बिना किसी डर के बेहद हिम्मत और बेधड़क अंदाज में डीएम के सामने सवाल-जवाब किए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
“Karwa nahi denge, karwa dijiye…!”
13-year-old boy speaks directly to the District Magistrate over his family’s grievance.
During a public grievance hearing in Lakhimpur Kheri Class 8 student Amitabh Gupta confidently explained his family’s issue and urged officials to take… pic.twitter.com/1jzKLaIfo8
— contentkikamii (@contentkikamii) July 18, 2026
‘घर पर कब्जा, मां बनाती हैं लिफाफे’
अमिताभ गुप्ता के इस निडर अंदाज के पीछे उसके परिवार का दर्द और अन्याय से लड़ने की अटूट कहानी छिपी है. अमिताभ के पिता काफी समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और घर की पूरी जिम्मेदारी उसकी मां पर आ गई है, जो कागज के लिफाफे बनाकर किसी तरह परिवार का पेट पालती हैं. पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनके अपने ही घर पर दबंगों ने अवैध रूप से कब्जा जमा रखा है और ताला लगा दिया है. बेघर हुआ यह परिवार न्याय की गुहार लगाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है.
तीन दिन बाद भी नहीं खुला ताला
अपने हक की लड़ाई लड़ने तहसील पहुंचे अमिताभ ने डीएम के सामने अपने परिवार का दर्द रखा था. हालांकि, मासूम की इस गुहार के तीन दिन बीत जाने के बाद भी उसके घर का ताला नहीं खुल सका है, जिससे पीड़ित परिवार अभी भी दर-दर भटकने को मजबूर है. इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं.
सोशल मीडिया पर लोग मासूम अमिताभ के साहस की तारीफ कर रहे हैं और जिला प्रशासन से जल्द से जल्द उसके परिवार को न्याय दिलाने तथा घर का ताला खुलवाने की मांग कर रहे हैं.
यह भी पढ़िए: कट्टरपंथियों के निशाने पर रहीं यह लेखिका बरसों बाद लौटेंगी वापस, बंगाल में गरमाई सियासत
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


