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Social Awareness: बाल भिक्षावृत्ति रोकने की मुहिम तेज, लखनऊ में स्क्वाड्रन लीडर तूलिका रानी को मिला अहम जिम्‍मा

Squadron Leader Dr Tulika Rani: बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए लखनऊ प्रशासन ने अभियान शुरू किया. स्क्वाड्रन लीडर तूलिका रानी को पैनल में शामिल किया गया. वह माउंट एवरेस्ट विजेता और सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं.

Squadron Leader Dr Tulika Rani

लखनऊ में बाल भिक्षावृत्ति रोकने की मुहिम तेज, स्क्वाड्रन लीडर तूलिका रानी को मिली अहम जिम्मेदारी.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

लखनऊ, 25 मई 2025: उत्‍तर प्रदेश में लखनऊ प्रशासन ने बाल भिक्षावृत्ति के निदान के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है. इस अभियान के तहत बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराने, उनके परिवारों की पहचान, पुनर्वासन और सामाजिक एकीकरण पर जोर दिया जा रहा है. इसके लिए एक निगरानी दल का गठन किया गया है, जो 1 फरवरी 2025 से शहर के प्रमुख चौराहों जैसे हजरतगंज, चारबाग, अलीगंज और टेढ़ी पुलिया पर सक्रिय है.

इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी विशाख जी ने एक नौ सदस्यीय पैनल का गठन किया है, जिसमें स्क्वाड्रन लीडर (डॉ) तूलिका रानी को भी शामिल किया गया है.

अभियान में तूलिका रानी की भूमिका

इस पैनल में लखनऊ विश्वविद्यालय, डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आईआईएम लखनऊ जैसे संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हैं. स्क्वाड्रन लीडर तूलिका रानी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “यह समाज के उपेक्षित वर्ग और बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. बचपन देश का भविष्य है, और हमें इसे सुदृढ़ बनाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए.”

उन्होंने इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का वादा किया. जिलाधिकारी कार्यालय से 24 मई 2025 को इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया गया.

तूलिका रानी का प्रेरणादायक सफर

स्क्वाड्रन लीडर (डॉ) तूलिका रानी भारतीय वायु सेना की पूर्व अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश की पहली महिला हैं, जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की. उन्होंने ईरान के माउंट दामावंद पर तिरंगा फहराकर भी इतिहास रचा. भारत, नेपाल, भूटान, रूस और अफ्रीका में 26 पर्वतारोहण अभियानों में हिस्सा ले चुकी तूलिका को 2025 की गणतंत्र दिवस परेड में भारत सरकार ने सम्मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. वह वायु सेना में 10 साल तक प्रशासनिक और सैन्य प्रशिक्षण अधिकारी रहीं, जहां उन्होंने भारत की पहली तीन महिला फाइटर पायलटों को प्रशिक्षण दिया.

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सामाज में योगदान और मिला सम्मान

वर्तमान में इतिहास की असिस्टेंट प्रोफेसर तूलिका एक अंतरराष्ट्रीय प्रेरणादायी वक्ता भी हैं. उन्होंने भारत, नेपाल, मॉरीशस, अमेरिका, रूस सहित कई देशों में 400 से अधिक व्याख्यान दिए हैं. उनकी आठ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनके लिए उन्हें साहित्य श्री और यंग राइटर अवार्ड मिला है. उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार सहित 20 पुरस्कारों से सम्मानित किया है. हाल ही में डॉ रश्मि रस्तोगी की पुस्तक ‘भारत की प्रथम महिला विभूतियां’ में उनके कार्यों पर एक अध्याय प्रकाशित हुआ है.

व्यापक सामाजिक प्रभाव की उम्मीद

तूलिका रानी महिलाओं के अधिकार, पर्यावरण संरक्षण, हिमालय संरक्षण और युवा सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं. लखनऊ प्रशासन की इस पहल से न केवल बाल भिक्षावृत्ति पर रोक लगेगी, बल्कि बच्चों को शिक्षा और बेहतर जीवन की दिशा में एक नया अवसर मिलेगा. इस अभियान से समाज में जागरूकता बढ़ने की भी उम्मीद है.

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