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लखनऊ अग्निकांड: बिल्डिंग मालिक सुरेंद्र शुक्ल का निकला क्रिमिनल रिकॉर्ड, मेडिकल पेपर लीक से क्या था कनेक्शन?

Lucknow Fire Case: लखनऊ अग्निकांड की जांच के बीच बिल्डिंग मालिक सुरेंद्र शुक्ला का नाम एक बार फिर चर्चा में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका नाम मेडिकल प्रवेश परीक्षा पेपर लीक मामले में भी सामने आया था.

Lucknow Fire Case

Lucknow Fire Case: लखनऊ के अलीगंज में जिस अवैध इमारत में आग लगने से 15 मासूम बच्चों की मौत हुई, उसके सह मालिक सुरेंद्र शुक्ल का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है. उनका नाम मेडिकल पेपर लीक मामले में सामने आया था, जिसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. आईए जानते हैं क्या था मेडिकल पेपर लीक कांड.

11 साल पुराना है मामला

यह मामला 2015 के सीपीएमटी (CPMT) पेपर लीक कांड से जुड़ा है. आरोप था कि रामेश्वर इंस्टीट्यूट के संचालक सुरेंद्र शुक्ला ने अपनी बेटी को परीक्षा में पास कराने के लिए पेपर लीक कराने की साजिश रची थी. उनकी बेटी फैजाबाद रोड स्थित श्री नारायण इंस्टीट्यूट में परीक्षा दे रही थी. मामले में सुरेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन एसटीएफ की जांच में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला, जिसके बाद उन्हें क्लीन चिट दे दी गई.

भाई के साथ मिलकर करोड़ों का हेरफेर

सुरेंद्र शुक्ला ने अपने बड़े भाई वीरेंद्र शुक्ला (लखनऊ अग्निकांड का मुख्य आरोपी) के साथ मिलकर प्रॉपर्टी कारोबार से करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई. आरोप है कि दोनों ने अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों की जमीनें कम कीमत पर खरीदीं और लखनऊ से सीतापुर तक कई जगहों पर प्लॉटिंग का काम किया.

ऐसे रची गई पेपर लीक की साजिश

सीपीएमटी 2015 परीक्षा के दौरान सुरेंद्र ने अपनी बेटी को विशेष सुविधा दिलाने के लिए परीक्षा केंद्र के अधिकारियों से संपर्क किया. उन्होंने बेटी की तबीयत खराब होने का हवाला देकर उसे अलग कमरे में परीक्षा दिलाने की मांग की. जब यह बात नहीं बनी तो उन्होंने परीक्षा कक्ष में अपने भरोसे के इनविजिलेटर तैनात कराने का प्रयास किया, जिस पर सहमति बन गई.


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इसके बाद रामेश्वरम इंस्टीट्यूट से अशोक त्रिपाठी और अंकुर श्रीवास्तव को इनविजिलेटर बनाकर भेजा गया. जांच में सामने आया कि परीक्षा का ‘सी’ सीरीज प्रश्नपत्र लीक हुआ था और इसकी कड़ी रामेश्वरम इंस्टीट्यूट से जुड़ी बताई गई. मामले की छानबीन के दौरान सुरेंद्र शुक्ला के साथ संस्थान के प्रिंसिपल और पीआरओ अभय पांडेय का नाम भी सामने आया था. हालांकि, जांच पूरी होने के बाद केवल सुरेंद्र शुक्ला के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई.

-भारत एक्सप्रेस



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