रिपोर्ट- उपेन्द्र गोस्वामी
महोबा में अब गांव के बच्चे भी अपनी रोजमर्रा की परेशानियों को लेकर प्रशासन के दरवाजे तक पहुंचने लगे हैं. कबरई विकासखंड के इलाहीपुरा ग्योड़ी और दिसरापुर बिलवई गांव के सैकड़ों बच्चों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी बदहाल सड़कों की समस्या जिलाधिकारी के सामने रखी. बच्चों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं भी मौजूद रहीं. सभी ने मिलकर मांग की कि गांवों तक पक्की सड़क बनाई जाए, ताकि आने-जाने में हो रही दिक्कत से राहत मिल सके.
इलाहीपुरा ग्योड़ी गांव खन्ना मुख्य मार्ग से करीब 500 मीटर अंदर बसा है. ग्रामीणों के मुताबिक, गांव तक पहुंचने के लिए आज भी पक्की सड़क नहीं है और लोगों को कच्चे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है. बारिश शुरू होते ही यही रास्ता कीचड़ और पानी से भर जाता है. ऐसे में बच्चों के लिए स्कूल जाना किसी चुनौती से कम नहीं रहता.
बच्चों ने बताया कि कई बार रास्ते में फिसलने से वे गिर जाते हैं. कपड़े और जूते खराब होने के साथ स्कूल बैग भी कीचड़ में सन जाते हैं. कुछ बच्चों को चोट लगने की बात भी सामने आई है. रास्ते की हालत को देखते हुए कई अभिभावक बारिश के दिनों में बच्चों को स्कूल भेजने से भी हिचकते हैं. इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है.
मरीजों और गर्भवती महिलाओं के लिए भी मुश्किल
ग्रामीणों का कहना है कि खराब रास्ते की वजह से बुजुर्गों, बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं को भी काफी परेशानी होती है. आपात स्थिति में एंबुलेंस जैसे वाहन गांव तक पहुंचने में दिक्कत महसूस करते हैं. गंभीर मरीजों या प्रसूताओं को कई बार चारपाई पर ले जाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाने की नौबत आ जाती है.

दिसरापुर बिलवई गांव में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं. यहां हजरत इब्राहिम शहीद दरगाह से रेलवे पटरी की ओर जाने वाला रास्ता लंबे समय से बदहाल बताया जा रहा है. ग्रामीणों के अनुसार, रास्ते पर न तो पक्की सड़क है और न ही पर्याप्त खड़ंजा. बारिश के बाद जगह-जगह मलबा, पानी और दलदल जमा हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है.
बच्चों ने डीएम से की स्थलीय निरीक्षण की मांग
कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चों और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा. उन्होंने दोनों गांवों की सड़कों का मौके पर निरीक्षण कराने और जल्द से जल्द पक्की सड़क बनवाने की मांग की. बच्चों का कहना है कि सड़क उनके लिए सिर्फ आने-जाने का रास्ता नहीं, बल्कि स्कूल, अस्पताल और जरूरी सेवाओं तक पहुंचने का जरिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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