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14 साल बाद हुआ इंसाफ, मथुरा हत्याकांड में 8 आरोपियों को उम्रकैद

Life imprisonment case in UP: मथुरा में 14 साल पुराने हत्या मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. जमीन विवाद में हुई हत्या के मामले में 8 दोषियों को आजीवन कारावास और भारी जुर्माने की सजा दी गई.

Life imprisonment case in UP Mathura

रिपोर्ट- राकेश पचौरी


Life imprisonment case in UP: उत्तर प्रदेश के मथुरा में अपर सत्र न्यायाधीश (Additional Sessions Judge) ईसी एक्ट के तहत डॉक्टर पल्लवी अग्रवाल ने हत्या के मामले में 8 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. जिनमें दो हत्यारोपी गोपाल और रमाकांत को 75-75 हजार रुपये जुर्माना, जबकि अन्य को 70-70 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है.

जानिए पूरा मामला

मथुरा की सत्र न्यायालय (Session Court) द्वारा आदेश में 8 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. सत्र न्यायाधीश डॉक्टर पल्लवी अग्रवाल ने 14 साल पहले हुई हत्या के आरोपियों को सजा सुनाई है. यह मामला 14 जनवरी 2011 को हुई महेंद्र की हत्या और गोपाल के घायल होने से जुड़ा है.

इसके बाद पुलिस ने हत्या के मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिसके बाद यह मामला कोर्ट पहुंचा. लेकिन अब 14 साल बाद इन 11 हत्यारोपियों में से 8 को सजा सुनाई गई है, जबकि 3 आरोपियों की मृत्यु सुनवाई के दौरान हो गई.

कैसे हुई महेंद्र की मौत

घटना 14 जनवरी 2011 को मकर संक्रांति के दिन हुई थी. छाता थाना क्षेत्र के खायरा गांव में दो पक्षों के बीच पुराने जमीन विवाद को लेकर झगड़ा शुरू हुआ. इस दौरान महेंद्र ने शांति स्थापित करने के लिए बीच-बचाव किया. मुकदमे के अनुसार, मुख्य अभियुक्त गोपाल ने झगड़े को उकसाया, जिसके बाद रमाकांत ने बंदूक से महेंद्र के सीने में गोली मार दी. महेंद्र को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

यह मामला थाना छाता में धारा 147, 148, 149, 302, 307, 34 आईपीसी और 27 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत दर्ज किया गया था.


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इन आरोपियों को मिली सजा

अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर सभी आठ आरोपियों को दोषी माना. सजा पाए आरोपियों में गोपाल, रमाकांत, श्रीकांत, नंदन, रामकिशन, हरदयाल, नटवर और हेतराम शामिल हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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