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हमीरपुर की दर्दनाक कहानी, जाम में फंसी एंबुलेंस, समय पर इलाज न मिलने से गर्भ में ही शिशु की मौत

UP News: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में नेशनल हाईवे-34 पर लगे भीषण ट्रैफिक जाम के कारण एक गर्भवती महिला को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका. एंबुलेंस करीब पांच घंटे तक जाम में फंसी रही, जिसके चलते महिला के गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई.

Hamirpur jam lead to unborn baby death

रिपोर्ट- आदित्य बिहारी अवस्थी


UP News: देश में ट्रैफिक जाम के कारण समय पर इलाज न मिल पाने से कई लोगों को अपने परिजनों को खोना पड़ा है. ऐसी ही एक हृदयविदारक घटना उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से सामने आई है, जहां ट्रैफिक जाम की वजह से एक मां ने अपने बच्चे को पैदा होने से पहले ही खो दिया.

जानिए पूरा मामला

हमीरपुर में जाम की भयावह तस्वीर सामने आई है, जहां नेशनल हाईवे-34 पर लगे लंबे जाम ने एक गर्भवती महिला के अजन्मे शिशु की जान ले ली. डिलीवरी के लिए एंबुलेंस से जिला अस्पताल जा रही महिला करीब 25 किलोमीटर लंबे जाम में पांच घंटे तक फंसी रही. समय पर इलाज न मिल पाने के कारण महिला के गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई. यह घटना ट्रैफिक व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है.

26 घंटे का महाजाम

मौदहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से डिलीवरी के लिए जिला अस्पताल रेफर की गई पाटनपुर गांव निवासी गर्भवती महिला को एंबुलेंस से ले जाया जा रहा था नेशनल हाईवे-34 पर लगे करीब 25 किलोमीटर लंबे जाम में एंबुलेंस लगभग पांच घंटे तक फंसी रही. इस दौरान प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को समय पर जिला अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका.

इलाज में देरी के चलते जन्म से पहले ही महिला के गर्भ में शिशु की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि हाईवे पर करीब 26 घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही और वाहन रेंगते रहे, जिससे आपात सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित.

डाक्टर ने क्या बताया?

बताया गया कि एम्बुलेंस रात करीब दो बजे मौदहा से निकली थी, लेकिन हाईवे पर लगे जाम के कारण सुबह साढ़े सात बजे जिला अस्पताल पहुंच सकी. इलाज में हुई इस देरी के कारण महिला के गर्भ में पल रहा बच्चा दम तोड़ चुका था. जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर केएस मिश्रा ने बताया कि सुबह करीब सात बजे महिला को अस्पताल लाया गया था. डिलीवरी कराई गई, लेकिन बच्चा मृत अवस्था में पैदा हुआ. बच्चे की धड़कनें पहले से ही बंद थीं. उन्होंने कहा कि महिला के जाम में फंसे रहने की जानकारी उन्हें नहीं थी.


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गौरतलब है कि 19 जनवरी को नेशनल हाईवे 34 पर कई वाहनों के खराब हो जाने के कारण भीषण जाम लग गया था, जो करीब 24 घंटे तक बना रहा. इस दौरान वाहनों की कतार लगभग 20 किलोमीटर तक फैल गई थी. इस हाईवे पर इस तरह का जाम लगना आम बात हो गई है. टू-लेन हाईवे होने और यमुना-बेतवा पुलों पर थोड़ी सी बाधा आने पर पूरा यातायात ठप हो जाता है.

-भारत एक्सप्रेस



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