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ब्राह्मण सम्मेलन में सपा जिलाध्यक्ष को मारा गया था थप्पड़, पार्टी ने 2 नेता समेत 17 कार्यकर्ताओं को निकाला

Mathura News: ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान पार्टी कार्यालय में हुई मारपीट और गाली-गलौज की घटना को गंभीरता से लेते हुए सपा ने दो प्रमुख कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. इसके अलावा 17 पुराने कार्यकर्ताओं को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है.

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ब्राह्मण सम्मेलन में सपा जिलाध्यक्ष को मारा गया था थप्पड़

Mathura News: समाजवादी पार्टी ने मथुरा में अनुशासनहीनता के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान पार्टी कार्यालय में हुई मारपीट और गाली-गलौज की घटना को गंभीरता से लेते हुए सपा ने दो प्रमुख कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. इसके अलावा 17 पुराने कार्यकर्ताओं को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है.

मामला मथुरा स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय का है, जहां ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान सांसद सनातन पांडेय की बैठक चल रही थी. बैठक के दौरान किसी बात को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया. आरोप है कि इसी दौरान सपा के जिलाध्यक्ष को थप्पड़ भी मारा गया. घटना का वीडियो सामने आने के बाद पार्टी नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लिया.

कार्रवाई के तहत समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और पूर्व सांसद अरविंद कुमार सिंह ने कार्यालय ज्ञापन जारी किया है. इसमें भारत भूषण शर्मा, निवासी 50 के. सराय आजमाबाद, पोस्ट कृष्णानगर, जनपद मथुरा और राघवेन्द्र सिंह, निवासी ग्राम असगरपुर, पोस्ट सतोहा, जनपद मथुरा को पार्टी से निष्कासित किए जाने की जानकारी दी गई है.

राघवेंद्र तोमर सपा से निकाले गए

बताया जा रहा है कि राघवेंद्र तोमर पार्टी के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं. वह 2019 से 2022 तक छात्र सभा का जिलाध्यक्ष रहे और 2022 से 2024 तक यूथ ब्रिगेड का जिलाध्यक्ष रहे. वहीं भारत भूषण शर्मा भी पार्टी में लंबे समय से सक्रिय थे.

हालांकि, निष्कासित किए गए कार्यकर्ताओं ने पार्टी पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है. राघवेंद्र तोमर का कहना है कि बैठक में दोनों तरफ से कहासुनी हुई थी, लेकिन पार्टी ने बिना पूरी जांच के सिर्फ उन्हें निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका भी नहीं दिया गया.

गुटबाजी पर लगाम लगाने की कवायद

इस कार्यालय ज्ञापन की कॉपी राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव, जिलाध्यक्ष मथुरा और राष्ट्रीय अध्यक्ष के निजी सचिव को भी भेजी गई है.

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पार्टी सूत्रों का कहना है कि ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर मथुरा में लंबे समय से गुटबाजी चल रही थी. सम्मेलन की तैयारियों को लेकर दो गुटों में विवाद था, जो बैठक में मारपीट में बदल गया. सपा हाईकमान ने इस घटना को अनुशासनहीनता मानते हुए कड़ा संदेश दिया है कि पार्टी में इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

-भारत एक्सप्रेस



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