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‘वन्दे मातरम् तो बहाना है, असल मकसद तो…’, मायावती ने एक बात में सबको लपेटा

Mayawati on Vande Mataram: देश में चल रहे ‘वन्दे मातरम्’ विवाद के बीच बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बड़ा राजनीतिक धमाका किया है. उन्होंने इसे जनता का ध्यान भटकाने की सियासी चाल बताते हुए बेरोजगारी, जेन-जी और बाढ़ जैसे असली मुद्दों पर फोकस करने की सख्त नसीहत दी है.

BSP Chief Mayawati addressing a press conference, representing her recent sharp statement on the ongoing Vande Mataram political controversy in India

'वन्दे मातरम्' विवाद पर बीएसपी प्रमुख मायावती

Mayawati on Vande Mataram: ‘वन्दे मातरम्’ को लेकर देश की सियासत इन दिनों बुरी तरह से गरमाई हुई है. इस मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी जुबानी जंग जारी है. इसी बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती की भी इस विवाद में धमाकेदार एंट्री हो गई है. मायावती ने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट से सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है. अपने एक ही तीर से उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों को लपेटते हुए कड़वा सच देश के सामने रख दिया है.

कानून बदलना सिर्फ एक ‘राजनीतिक पैंतरा’ (BSP Supremo Mayawati statement)

मायावती का सीधा और स्पष्ट कहना है कि वन्दे मातरम् तो महज एक बहाना है, नेताओं का असली मकसद तो अपनी नाकामियों को जनता की नजरों से छिपाना है. उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अपनी बात रखते हुए लिखा कि राष्ट्रगीत को पूरा गाना है या सिर्फ उसके शुरुआती दो छंद (पैरे) गाने हैं, इसे लेकर जो ओछी राजनीति हो रही है, वह कतई सही नहीं है. संसद में हाल ही में पास किए गए कानून पर तंज कसते हुए उन्होंने याद दिलाया कि देश में ऐसा खेल कोई पहली बार नहीं हो रहा है.

मायावती ने राजनेताओं की दुखती रग पर हाथ रखते हुए कहा कि जब भी केंद्र या राज्यों में सत्ता बदलती है, पार्टियां अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए एक-दूसरे के बनाए पुराने कानूनों को पलट देती हैं. इसका सीधा सा गणित यह होता है कि जनता का ध्यान सरकार की असल कमियों से भटकाया जा सके.

बेरोजगारी और बाढ़ पर क्यों चुप हैं नेता? (Mayawati on Vande Mataram controversy)

बीएसपी चीफ ने सभी दलों को आईना दिखाते हुए सख्त नसीहत दी है कि इस वक्त देश में असली मुद्दा कुछ और ही है. उन्होंने कहा कि आज के दौर में ‘जेन-जी’ (Gen-Z) युवा, स्कूली बच्चे (Gen-Alpha) और छात्र-छात्राएं बेरोजगारी के कारण अपने भविष्य को लेकर भारी तनाव में हैं. इसके अलावा देश के कई हिस्से इस वक्त भयंकर बाढ़ की चपेट में हैं, जहां लोगों के जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है.

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मायावती ने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ तमाम राजनीतिक दलों को वन्दे मातरम् पर विवाद करने के बजाय इन अति-महत्वपूर्ण और ज्वलंत मुद्दों पर अपना ध्यान लगाना चाहिए. देश और जनहित में फिलहाल वक्त की सबसे बड़ी मांग यही है.



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