Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

24 घंटे में 44 संपत्तियां सील! जानें सुप्रीम कोर्ट के किस आदेश ने मेरठ में रातों-रात मचा दी खलबली?

Meerut के सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 44 संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई शुरू हो गई है. व्यापारियों के विरोध के बीच प्रशासन ने अस्पतालों के मरीज और स्कूलों के बच्चों को शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं…

रिपोर्ट-हरीश


पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे व्यस्त व्यावसायिक केंद्रों में से एक, मेरठ के सेंट्रल मार्केट में आज का दिन किसी प्रलय से कम नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेश के बाद प्रशासन यहां की 44 प्रमुख संपत्तियों को सील करने की बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने जा रहा है.

मेरठ सेंट्रल मार्केट में ‘महा-सीलिंग’ का हड़कंप, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 

वहीं इस फरमान के बाद पूरे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल है और सैकड़ों व्यापारियों ने सड़कों पर उतरकर छाती पीटते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है. कोर्ट ने आवासीय भूखंडों पर धड़ल्ले से चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है, जिसके चलते प्रशासन को महज 24 घंटे के भीतर कार्रवाई पूरी करने की डेडलाइन दी गई है.

सुप्रीम कोर्ट का चला ‘हंटर’

सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आवासीय पट्टों पर बड़े पैमाने पर कमर्शियल काम हो रहे थे. जांच के बाद प्रशासन ने ऐसी 44 इमारतों को चिन्हित किया है जो पूरी तरह व्यावसायिक उपयोग में पाई गई हैं.

इस लिस्ट में सिर्फ दुकानें ही नहीं बल्कि 6 बड़े स्कूल, 6 अस्पताल और नर्सिंग होम, 4 बैंक्वेट हॉल के साथ-साथ कई शोरूम शामिल हैं. कोर्ट के आदेश के बाद आवास विकास परिषद और पुलिस की संयुक्त टीमें सीलिंग की प्रक्रिया शुरू करने के लिए मौके पर पहुंच चुकी हैं, जिससे व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है.

बच्चों के भविष्य पर छाएगा संकट

इस सीलिंग की सबसे गाज उन मासूम बच्चों और गंभीर मरीजों पर गिरने वाली है जो इन 44 इमारतों के भीतर मौजूद संस्थानों का हिस्सा हैं. प्रशासन ने आदेश दिया है कि सील होने वाले 6 अस्पतालों के मरीजों को तत्काल दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया जाए.

वहीं प्रभावित स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का एडमिशन दूसरे स्कूलों में कराने के निर्देश भी दिए गए हैं. अचानक आए इस आदेश से अभिभावकों और तीमारदारों में भी घबराहट का माहौल है, क्योंकि चंद घंटों के भीतर इतनी बड़ी व्यवस्था करना किसी चुनौती से कम नहीं है.

रात भर खाली होती नजर आई दुकानें

सीलिंग की खबर जैसे ही आग की तरह फैली, व्यापारियों ने अपना माल बचाने की जद्दोजहद शुरू कर दी. सोमवार की पूरी रात कई दुकानदार अपनी दुकानें खाली करते नजर आए ताकि उनका कीमती सामान सील के अंदर न फंस जाए. मंगलवार सुबह जब प्रशासनिक टीम कार्रवाई के लिए पहुंची, तो उन्हें व्यापारियों के भारी विरोध और घेराव का सामना करना पड़ा. व्यापारियों का कहना है कि वे दशकों से यहां काम कर रहे हैं और अचानक इस तरह की कार्रवाई उनके पेट पर लात मारने जैसा है.

ये भी पढ़ें- पेशावर से खैबर तक गैस का अकाल! चूल्हे ठंडे और गाड़ियां बंद; पाकिस्तान में जीवन हुआ दूभर

9 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई

प्रशासनिक अमले ने स्पष्ट कर दिया है कि सुप्रीम कोर्ट की अवमानना से बचने के लिए वे हर हाल में आज शाम तक सीलिंग की प्रक्रिया पूरी कर लेंगे. भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे.

अब सबकी नजरें 9 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां प्रशासन को अपनी कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश करनी होगी. मेरठ का यह मामला अब देशभर के उन व्यापारियों के लिए चेतावनी बन गया है जो आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital