मेरठ में नशे के कारोबार और संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ा संदेश दिया है. एसएसपी अविनाश पांडे के नेतृत्व में पुलिस ने कुख्यात नशा तस्कर ईशू पर ऐसी कार्रवाई की है, जिसकी पूरे इलाके में चर्चा हो रही है. गैंगस्टर एक्ट के आरोपी ईशू की करीब 2.80 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली गई है. इस कार्रवाई के बाद अपराधियों और नशा कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत लगातार उन अपराधियों को निशाना बनाया जा रहा है, जिन्होंने गैरकानूनी धंधों से करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली है. इसी कड़ी में मेरठ पुलिस ने ईशू की चल और अचल संपत्तियों पर शिकंजा कस दिया.
अवैध कमाई से बनाई गई थी करोड़ों की संपत्ति
पुलिस जांच में सामने आया कि ईशू लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी में सक्रिय था. आरोप है कि वह युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने का काम कर रहा था और इसी धंधे से उसने बड़ी संपत्ति बनाई. आरोपी के खिलाफ पहले से एनडीपीएस एक्ट, हत्या, चोरी, गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं.
जिलाधिकारी वीके सिंह के आदेश पर थाना परतापुर पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारियों और तहसील टीम के साथ मिलकर कार्रवाई की. इलाके में ढोल-नगाड़ों के साथ मुनादी कराई गई ताकि लोगों को पता चल सके कि अपराध से कमाई गई संपत्ति अब सरकार के कब्जे में जा रही है.
कौन-कौन सी संपत्ति हुई कुर्क?
पुलिस ने प्रेम विहार इलाके में स्थित करीब 1.70 करोड़ रुपये कीमत के आलीशान मकान को कुर्क किया. इसके अलावा लिसाड़ी गांव में मौजूद लगभग 1.10 करोड़ रुपये कीमत के दूसरे मकान पर भी कार्रवाई हुई. एक होंडा एक्टिवा स्कूटी भी जब्त की गई है. कुल मिलाकर करीब 2 करोड़ 80 लाख 70 हजार रुपये की संपत्ति कुर्क की गई.

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने संपत्तियों पर जब्तीकरण के बोर्ड लगाए और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें सील कर दिया. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी तरह की गड़बड़ी ना हो.
ईशू का नाम मेरठ के चर्चित डबल मर्डर केस में भी सामने आ चुका है. साल 2022 में नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर में रिटायर्ड हेड कांस्टेबल रतन सिंह सिरोही की पत्नी कौशल चौधरी और उनकी 12 साल की धेवती तमन्ना की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस सनसनीखेज वारदात में ईशू और उसकी पत्नी स्नेहा का नाम जांच में सामने आया था.
पुलिस जांच के मुताबिक, करीब दो करोड़ रुपये की संपत्ति के लालच में इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था. बताया गया कि स्नेहा के पहले पति की मौत के बाद संपत्ति तमन्ना के नाम दर्ज हुई थी, जिसके बाद परिवार में लालच और विवाद बढ़ता गया. मेरठ पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है. पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि जो लोग नशे और अपराध के जरिए पैसा कमाएंगे, उनकी एक-एक पाई का हिसाब लिया जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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