मेरठ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. सदर तहसील में तैनात कानूनगो धर्मपाल को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि कानूनगो ने एक किसान से जमीन से जुड़े विवाद में पैमाइश रिपोर्ट तैयार करने के बदले 30 हजार रुपये की मांग की थी. शिकायत मिलने के बाद टीम ने पूरे मामले की जांच की और फिर कानूनगो को पकड़ने के लिए जाल बिछाया.
मामला मुंडाली क्षेत्र के आलमपुर गांव का बताया जा रहा है. यहां रहने वाले किसान दल सिंह का जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. इसी मामले में उसे पैमाइश रिपोर्ट की जरूरत थी. आरोप के मुताबिक, रिपोर्ट तैयार करने के एवज में कानूनगो धर्मपाल ने किसान से 30 हजार रुपये मांगे.
किसान ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कानूनगो से रिश्वत की रकम कम करने की गुजारिश भी की. लेकिन आरोप है कि कानूनगो अपनी मांग पर अड़ा रहा और किसान पर पूरी रकम देने का दबाव बनाया. लगातार दबाव से परेशान होकर किसान ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी.
शिकायत के बाद टीम ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने पहले मामले की पड़ताल की. शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के बाद कानूनगो को पकड़ने की योजना बनाई गई. इसके लिए किसान को तय रकम के साथ कानूनगो के पास भेजा गया.
योजना के मुताबिक, जैसे ही कानूनगो ने किसान से 30 हजार रुपये लिए, एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया. टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद की. कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में भी इस मामले को लेकर हलचल मच गई.
गिरफ्तारी के बाद निलंबित किया गया कानूनगो
कानूनगो धर्मपाल की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आने के बाद सदर तहसील प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया. एसडीएम ने आरोपी कानूनगो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. प्रशासन की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.
वहीं, एंटी करप्शन टीम ने आरोपी कानूनगो के खिलाफ मेरठ के देहली गेट थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है. मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस और एंटी करप्शन टीम मामले की आगे जांच में जुटी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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