Bharat Express DD Free Dish

CBI ने उत्तरी रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर समेत 5 को किया गिरफ्तार, 2.50 लाख रुपये बरामद

उत्तरी रेलवे घूसकांड मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने डिप्टी चीफ इंजीनियर समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. उनके पास से भारी मात्रा में रिश्वत के पैसे बरामद किए गए हैं.

CBI Action On Northern Railway Bribery Case

प्रतीकात्मक फोटो

लखनऊ/वाराणसी, 15 जुलाई 2025। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तरी रेलवे की गति शक्ति यूनिट, लखनऊ के डिप्टी चीफ इंजीनियर विवेक कुशवाहा समेत कुल 5 लोगों को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में रेलवे के एसएसई (ड्रॉइंग्स) अशोक रंजन, ऑफिस सुपरिटेंडेंट (OS), एनआर लखनऊ की अंजुम निशा और निजी कंपनी टैंजेंट इन्फ्राटेक प्रा.लि. के दो कर्मचारी जिमी सिंह उर्फ अजीत कुमार सिंह और प्रवीण कुमार सिंह शामिल हैं.

सीबीआई ने 14 जुलाई को यह केस दर्ज किया था, जिसमें कई रेलवे अधिकारियों और निजी कंपनी के कर्मचारियों पर ग़लत तरीके से फायदा लेने और देने का आरोप है. जांच के दौरान सीबीआई को पता चला कि वाराणसी के भदोही में गति शक्ति प्रोजेक्ट के तहत ठेका पाने वाली इस निजी कंपनी के कर्मचारी, रेलवे अधिकारियों को काम दिलाने और सुविधाएं देने के बदले में रिश्वत दे रहे थे.

2.50 लाख रुपये बरामद

सीबीआई (CBI) की टीम ने जांच में आरोपी डिप्टी चीफ इंजीनियर को उनके ऑफिस से गिरफ्तार किया और उनके पास से 2.50 लाख रुपये की रिश्वत बरामद की, जो आरोपी निजी कंपनी के कर्मचारी ने उन्हें दी थी. वहीं, आरोपी ऑफिस सुपरिटेंडेंट अंजुम निशा के पास से भी 80,000 रुपये की रिश्वत बरामद हुई, जिसमें से कुछ रकम एसएसई (ड्रॉइंग्स) अशोक रंजन के लिए भी थी. इस मामले में सीबीआई ने लखनऊ में 4 जगह, वाराणसी में 6 जगह और गाज़ियाबाद में 1 जगह छापेमारी की, जिसमें कई अहम दस्तावेज बरामद हुए.

ये भी पढ़ें: SCO में हुआ पहलगाम हमले का जिक्र, चीन-पाकिस्तान को एस जयशंकर का कड़ा संदेश

हो सकते हैं कई अन्य खुलासे

मामले में एक अन्य आरोपी, असिस्टेंट एक्सईएन के.के. मिश्रा, जिसने कथित तौर पर 2.75 लाख रुपये की रिश्वत ली थी, फरार है. सीबीआई उसे पकड़ने के लिए प्रयास कर रही है. गिरफ्तार सभी 5 आरोपियों को 15 जुलाई को सीबीआई की विशेष अदालत, लखनऊ में पेश किया गया, जहां से उन्हें 28 जुलाई 2025 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. सीबीआई ने इस कार्रवाई को रेलवे में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख़्त कदम बताते हुए कहा कि जांच जारी है और और भी खुलासे हो सकते हैं.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read