Om Prakash Rajbhar
Om Prakash Rajbhar: उत्तर प्रदेश में कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासत तेज हो गई है. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने ‘विभागों के बंटवारे की पर्चियां ऊपर से आने’ की बात कहकर योगी सरकार पर तंज कसा था. अब उनके इस बयान पर यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को पलटवार किया है.
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जब अखिलेश यादव खुद पांच साल तक मुख्यमंत्री रहे, तब उनके यहां फैसले किस तरह होते थे, यह सभी जानते हैं.
राजभर ने आरोप लगाया कि पुलिस भर्ती के दौरान शिवपाल यादव डीजीपी को सिफारिशी पर्चियां भेजते थे, जबकि ठेका और पट्टों के मामलों में अखिलेश यादव की ओर से पर्चियां चलती थीं. उन्होंने कहा कि शायद उसी वजह से आज भी उनके दिमाग में वही बातें चल रही हैं.
उन्होंने आगे कहा कि अगर मंत्रिमंडल विस्तार में देरी हो रही है, तो इससे अखिलेश यादव को क्या परेशानी है. अगर उन्हें कोई दिक्कत है, तो वह खुलकर अपनी बात रखें.
अखिलेश ने साधा था निशाना
दरअसल, इससे पहले अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा था,
यूपी में, मंत्रियों के नामों के बाद, अब क्या उनके विभागों के लिए ‘पर्चियां’ भी ऊपर से ही आएंगी? मंत्रालयों के बंटवारे में देरी की असली वजह बस यही है कि मंत्रालयों-विभागों से होने वाली ‘कमीशन-कमाई’ के बंटवारे को लेकर ‘डबल इंजन’ आपस में ही टकरा रहे हैं. लंबे इंतजार के बाद नियुक्त हुए नए मंत्री तो बस गैलरी में बैठे बेचारे दर्शक बनकर रह गए हैं, जो गेंद को इधर-उधर जाते देख रहे हैं. भाजपा का यह ‘डबल इंजन’ बाकी सभी मंत्रियों को किनारे लगा देता है.
युद्ध की वजह से बंद हो गई आवाजाही
ओम प्रकाश राजभर ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर कहा कि पूरा देश इस समय युद्ध की चपेट में पहुंच चुका है. ईरान और अमेरिका के युद्ध की वजह से पड़ोसी देश उससे प्रभावित हो रहे हैं. हमारे यहां ईरान से तेल और सीएनजी आता है. युद्ध की वजह से आवाजाही बंद हो गई है, जिसके कारण इनके दाम बढ़े हैं.
उन्होंने आगे कहा,
पीएम मोदी का हमेशा प्रयास रहता है कि शांति बनी रहे. वह शांति का संदेश लेकर दुनियाभर में जाते रहते हैं ताकि लोग अमन-चैन से रहें और लड़ाई नहीं करें. सभी देश मिलजुलकर आयात-निर्यात करते रहें.
चुनाव में हेराफेरी के आरोप निराधार
उन्होंने टीएमसी के पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा पर हेरा-फेरी का आरोप लगाने और केंद्रीय बल की मदद लेने के आरोप पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव हारने के बाद यही आरोप लगते हैं. पिछले चुनाव में जब तृणमूल ने जीत दर्ज की, तो उस समय कोई आरोप नहीं लगा. उसके पहले भी सरकार बनी थी, तो उस समय भी कोई आरोप नहीं लगा.
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ओम प्रकाश राजभर ने आगे कहा कि चुनाव हारने के बाद वह आरोप लगाते हैं. उनका आरोप निराधार है और उसमें कोई दम नहीं है. सभी के लिए कोर्ट का दरवाजा खुला है. ममता बनर्जी हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जाएं, तो सभी के लिए दरवाजा खुला है.
-भारत एक्सप्रेस
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