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प्रतापगढ़ में ‘प्रेस’ कार्ड देख भड़का गार्ड, पत्रकार को लहूलुहान कर गेट में किया बंद; जानें क्या है मेडिकल कॉलेज का यह मामला?

Sonelal Patel Medical College Case: प्रतापगढ़ के सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज में कवरेज के दौरान पत्रकार को दबंग गार्ड्स ने रोका, गाली-गलौज की और जानलेवा हमला कर 3 घंटे तक बंधक बनाए रखा.

Journalist Attacked Case (Ai image)

Journalist Attacked Case (Ai image)

Sonelal Patel Medical College Case: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां सत्ता और रसूख के नशे में चूर सुरक्षाकर्मियों ने अपना कर्तव्य निभा रहे एक पत्रकार पर जानलेवा हमला कर दिया. मामला सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज (Sonelal Patel Medical College) का है, जहां खबर कवर करने पहुंचे पत्रकार को न केवल रोका गया, बल्कि उन्हें घंटों बंधक बनाकर पीटा भी.

प्रतापगढ़ के सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा गार्ड श्रवण कुमार पाल ने पत्रकार पर जानलेवा हमला कर उन्हें 3 घंटे तक बंधक बनाए रखा. गार्ड ने खुद को पूर्व विधायक का रिश्तेदार बताते हुए पत्रकार को गोली मारने की धमकी दी और सिर पर प्रहार कर घायल कर दिया. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पत्रकार को मुक्त कराया जा सका.

गार्ड ने दिखाई दबंगई

पीड़ित पत्रकार अपने साथी के साथ खबर कवर करने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे. उनकी कार पर ‘प्रेस’ का कार्ड लगा देख ड्यूटी पर तैनात गार्ड श्रवण कुमार पाल ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया. गार्ड ने पत्रकार से बदसलूकी करते हुए कार से प्रेस का कार्ड हटाने को कहा. जब पत्रकार ने इसका कारण पूछा, तो गार्ड ने कॉलेज के प्रिंसिपल के आदेश का हवाला दिया.

जानलेवा हमला और धमकी (Journalist Attacked)

पत्रकार ने जब इस पूरी बातचीत को सबूत के तौर पर मोबाइल में रिकॉर्ड करने की बात कही, तो गार्ड श्रवण कुमार पाल, जो खुद को पूर्व विधायक राजकुमार पाल का चाचा बता रहा था, आगबबूला हो गया.उसने पत्रकार को धमकाते हुए कहा, ‘मैं तुम जैसे लोगों को गोली मार देता हूं’ इसके बाद गार्ड ने किसी नुकीली चीज से पत्रकार के सिर पर जोरदार वार कर दिया, जिससे पत्रकार मौके पर ही बेहोश हो गया.

पुलिस की कार्रवाई

हमले के बाद गार्ड्स ने पत्रकार के साथी को धक्के मारकर बाहर निकाल दिया और घायल पत्रकार को करीब तीन घंटे तक मेडिकल कॉलेज परिसर के भीतर बंधक बनाए रखा. इस दौरान पत्रकार को बाहर से कोई मदद नहीं मिलने दी गई. अंततः, सोशल मीडिया के माध्यम से पत्रकार साथियों को सूचित किया गया. सूचना मिलते ही भारी संख्या में पत्रकार और स्थानीय कोतवाल मौके पर पहुंचे, जिसके बाद बंधक पत्रकार को मुक्त कराया गया.

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-भारत एक्सप्रेस 



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