Shankaracharya Avimukteshwaranand
Ram Mandir Donation Scam: लखीमपुर खीरी/हर्ष गुप्ता: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Avimukteshwaranand) ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया. भारत एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि राम मंदिर में चढ़ावे या प्रबंधन को लेकर किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो इसकी जवाबदेही उन लोगों से तय की जानी चाहिए जिन्होंने मंदिर के उद्घाटन का श्रेय लिया था.
पीएम मोदी पर कसा तंज
भारत एक्सप्रेस से बातचीत में शंकराचार्य भारत एक्सप्रेस ने कहा कि जब राम मंदिर के उद्घाटन का आयोजन हुआ था, तब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत प्रमुख भूमिका में दिखाई दिए थे. उनका आरोप था कि उस अवसर पर कई साधु-संतों को उचित सम्मान नहीं मिला और उन्हें बाहर बैठाया गया, जबकि प्रमुख अतिथियों को अंदर स्थान दिया गया. उन्होंने कहा कि यदि आज मंदिर के चढ़ावे या प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो संबंधित लोगों को इस पर जवाब देना चाहिए.
हालांकि, राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी या अनियमितताओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों की ओर से अलग-अलग स्तर पर स्पष्टीकरण भी सामने आए हैं, लेकिन इस मुद्दे पर शंकराचार्य की टिप्पणी ने राजनीतिक और धार्मिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है.
गौ सेवा पर क्या कहा?
लखीमपुर खीरी के लेगेसी लॉन में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे. इस दौरान शंकराचार्य ने गौ संरक्षण के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि सरकार आज भी गाय को सामान्य पशु मानकर कानून बना रही है, जबकि भारतीय समाज सदियों से गाय को “गौ माता” का दर्जा देता आया है. उनका कहना था कि सरकार को भी गाय को राष्ट्रमाता के रूप में मान्यता देकर उसके अनुरूप संरक्षण और सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए.
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उन्होंने लोगों से गौ सेवा और गौ संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है. शंकराचार्य के इन बयानों ने कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा और राम मंदिर प्रबंधन से जुड़े मुद्दे पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई.
-भारत एक्सप्रेस
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