अयोध्या राम मंदिर
Ram Mandir News: पिछले 40 दिनों से अयोध्या का राम मंदिर देश का सबसे चर्चित विषय बना हुआ है. राम मंदिर के कथित चंदा चोरी के मामले में रोज नए खुलासे सामने आ रहे हैं. इस गबन की जांच कर रही SIT ने अब बड़ा खुलासा करते हुए अपनी रिपोर्ट में बताया है कि राम मंदिर में चोरी कैसे हो रही थी. रिपोर्ट में 9 कमियों का भी जिक्र किया गया है. रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि दान चोरी किसी एक गलती का नतीजा नहीं थी, बल्कि तय नियमों और गाइडलाइंस का पालन नहीं किए जाने से यह स्थिति पैदा हुई.
किसी भी तलाशी नहीं होती थी
एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों की नियमित तलाशी नहीं ली जाती थी. तय नियमों के अनुसार उन्हें बिना जेब वाली ड्रेस पहननी थी, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया. रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कुछ कर्मचारी बिना अनुमति अपने निजी सामान काउंटिंग रूम में ले जाते थे और नकदी भी बाहर ले जाने की घटनाएं सामने आईं.
कितनी रकम आई कितनी गई कोछ नहीं पता
जांच में सामने आया कि अलग-अलग दान पेटियों का अलग हिसाब रखने के बजाय उनकी पूरी नकदी पहले एक साथ मिला दी जाती थी. दान में मिले नोटों की संख्या और मूल्य का भी सही रिकॉर्ड नहीं रखा गया. इसके अलावा कोई वाउचर या प्रमाणित दस्तावेज तैयार नहीं किए गए. ऐसे में यह पता लगाना संभव नहीं था कि कितनी रकम आई, कितनी गिनी गई और कितनी जमा हुई, जिससे ऑडिट प्रक्रिया प्रभावित हुई.
बायोमेट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था में भी लापरवाही
एसआईटी की जांच में यह भी सामने आया कि दान गिनने वाले कर्मचारियों की बायोमेट्रिक अटेंडेंस का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो रहा था. इस वजह से यह रिकॉर्ड नहीं मिल पाया कि गिनती के समय कौन-कौन कर्मचारी मौजूद थे. रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी खामियों ने मिलकर दान की चोरी जैसी घटनाओं की आशंका को बढ़ावा दिया.
15 जुलाई को पूरी रिपोर्ट
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब सभी की नजर 15 जुलाई पर है. इसी दिन एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी. माना जा रहा है कि रिपोर्ट में जांच के निष्कर्षों के साथ कुछ नए लोगों के नाम, सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक से मजबूत करने के सुझाव और मंदिर प्रबंधन में सुधार की सिफारिशें भी शामिल हो सकती हैं. अगर ऐसा होता है, तो यह रिपोर्ट इस मामले में आगे की कार्रवाई तय करने के साथ-साथ बड़े धार्मिक स्थलों पर पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए नई व्यवस्था का आधार बन सकती है.
-भारत एक्सप्रेस
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