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‘मस्जिद के मलबे के सामने फातिहा पढ़ेंगे अखिलेश?’ सहारनपुर मामले में ओपी राजभर का पलटवार

Saharanpur Masjid Controversy: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मस्जिद ढहाए जाने के बाद सियासत गरमा गई है. ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए फातिहा को लेकर सवाल पूछा.

OP Rajbhar on Akhilesh Yadav

सहारनपुर मामले में ओपी राजभर ने अखिलेश यादव साधा निशाना

OP Rajbhar on Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को बुलडोजर से ढहाए जाने के बाद अब मामला राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है. प्रशासन की कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं, तो वहीं सत्तारूढ़ खेमे की ओर से भी पलटवार शुरू हो गया है. इसी कड़ी में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा है.

मलबे के सामने फातिहा पढ़ेंगे अखिलेश- ओपी राजभर

ओपी राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव से सवाल करते हुए पूछा कि क्या वह सहारनपुर जाकर गिराई गई इमारत के मलबे के सामने फातिहा पढ़ेंगे? उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “अखिलेश जी, सहारनपुर जाकर अवैध इमारत के मलबे के सामने फ़ातिहा पढ़ेंगे? क्या आप मसूद भाई की बातों का समर्थन करेंगे? यूपी पूछ रहा है, बताइए ना?”

मस्जिद गिराए जाने पर अखिलेश ने जताई नाराजगी

दरअसल, सहारनपुर में प्रशासन की कार्रवाई के बाद अखिलेश यादव ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा था. समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरे धर्म का सम्मान नहीं करते, उन्हें खुद को सनातनी नहीं कहना चाहिए.

अखिलेश ने कहा कि सच्चा हिंदू कभी दूसरे धर्म का अपमान नहीं कर सकता. उनके मुताबिक सनातन की सीख ही आपसी सम्मान और सौहार्द की है. उन्होंने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि अगर किसी मामले में विवाद था तो संबंधित पक्ष को हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता मिलना चाहिए था. अखिलेश ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने सरकार के इशारे पर कार्रवाई की.


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मायावती ने भी उठाए सवाल

सहारनपुर की कार्रवाई को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा कि मस्जिदों को जल्दबाजी में अवैध घोषित कर उन्हें ध्वस्त करने का सरकारी अभियान उचित नहीं है.

शनिवार ( 5 सितंबर) सुबह कलेक्ट्रेट परिसर में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की. मौके पर एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट समेत कई अधिकारी मौजूद रहे. प्रशासन की ओर से इमारत को अवैध बताया गया है. अब इस कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं और आने वाले दिनों में यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में और गरमाने के आसार हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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