स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती.
प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरुद्ध यौन शोषण का गंभीर मामला दर्ज हुआ है. एडीजे रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई है. यह FIR आशुतोष ब्रह्मचारी की शिकायत पर प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज हुई.
FIR में आरोप है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी ने दो नाबालिग बच्चों (14 और 17 साल के) का यौन शोषण किया. यह घटना विद्या मठ आश्रम में बताई गई है. माघ मेले के दौरान भी शिविर के बाहर गाड़ी में शोषण के आरोप लगे हैं. बच्चों ने बताया कि स्वामी उन्हें साथ सोने को कहते थे और नग्न करके बार-बार उत्पीड़न करते थे.
किन धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने आईपीसी की धारा 351(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 3, 4(2), 5, 6, 16 और 17 के तहत मामला दर्ज किया है. इसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है. कोर्ट ने प्रारंभिक जांच और पीड़ितों के बयानों के आधार पर FIR का आदेश दिया था.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पक्ष
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है. उन्होंने कहा कि यह साजिश है और आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ पहले से कई मुकदमे हैं. वे इसे धार्मिक विवाद से जोड़ते हैं.
शिष्य मुकुंदानंद का बयान
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य मुकुंदानंद ने कहा, “गोली मार दो, लेकिन ऐसा घृणित आरोप मत लगाओ.” उन्होंने स्वामी को चरित्रवान और क्रिस्टल की तरह साफ बताया. मुकुंदानंद ने आशुतोष को हिस्ट्रीशीटर (हिस्ट्रीशीट संख्या 76A) और ब्लैकमेलर कहा. उनका कहना है कि आशुतोष और उनका परिवार फर्जी मुकदमे करके ब्लैकमेल करता है. वे जांच का स्वागत करते हैं और न्यायपालिका पर भरोसा जताते हैं. मुकुंदानंद ने सवाल उठाया कि क्या हिंदूवादी सरकार शंकराचार्य पर ऐसे आरोप लगाने देगी. उन्होंने कहा कि 2500 साल के इतिहास में किसी शंकराचार्य पर ऐसा आरोप नहीं लगा.
आशुतोष ब्रह्मचारी की प्रतिक्रिया
आशुतोष ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आरोपों का खंडन किया. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ वायरल 21 मुकदमों की फर्जी सूची है, जिस पर उन्होंने भी पुलिस में शिकायत की है. आशुतोष ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तुलना कालनेमि से की और कहा कि बच्चों को न्याय मिलना चाहिए. वे सनातन न्याय यात्रा निकालने की बात कर रहे हैं.
पुलिस और जांच की स्थिति
पुलिस अब मामले की जांच कर रही है. आशुतोष ने पूरा सहयोग देने का वादा किया है. इस FIR से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. यह मामला माघ मेले के दौरान हुए विवाद से जुड़ा लगता है, जहां स्वामी सरकार से नाराज थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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