महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देशभर में चर्चा तेज है. इस बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है. वाराणसी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां जिस तरह महिलाएं हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं, उससे साफ है कि अब समाज जाति, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर सोच रहा है. उनके मुताबिक यह बदलाव एक बड़े सामाजिक परिवर्तन की ओर इशारा करता है.
ब्रजेश पाठक ने दावा किया कि आजादी के बाद लंबे समय तक महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार नहीं मिल सका, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व देने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहे हैं. उनके अनुसार यह फैसला देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा.
विपक्ष पर किया हमला
डिप्टी सीएम ने इस दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी सीधा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने वर्षों तक महिलाओं की उपेक्षा की और अब भी वे इस मुद्दे पर सकारात्मक भूमिका नहीं निभा रहे हैं. पाठक ने कहा कि विपक्ष संसद में कई बार गलत और भटकाने वाली बातें करता है और अब धर्म के आधार पर आरक्षण जैसे मुद्दे उठाकर समाज को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है.
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है, इसके बावजूद कुछ दल केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह की बातें कर रहे हैं.
ब्रजेश पाठक ने आगे कहा कि अगर यह विधेयक पूरी तरह लागू होता है तो देश की बेटियां, बहनें और माताएं सीधे तौर पर नीति निर्माण में भागीदारी निभा सकेंगी. इससे लोकतंत्र और मजबूत होगा और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी.
परिसीमन और पुरानी राजनीति का जिक्र
परिसीमन को लेकर बात करते हुए उन्होंने 2010 का भी उल्लेख किया और कहा कि उस समय समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे पर रुख साफ नहीं रखा था, बल्कि विरोध की स्थिति में दिखाई दी थी. उन्होंने कांग्रेस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दोनों दलों की मंशा इस प्रक्रिया को लटकाने की रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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