Uttar Pradesh Poster War: लखनऊ/रवि कुमार: आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 का बिगुल भले ही अभी आधिकारिक रूप से न बजा हो, लेकिन सूबे की सियासत किसी सस्पेंस और एक्शन से भरपूर ब्लॉकबस्टर ‘फिल्म धुरंधर’ के स्क्रिप्ट की तरह आगे बढ़ने लगी है. इस सियासी फिल्म के ‘धुरंधर’ हीरो के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पेश करते हुए पूरे प्रदेश में एक बड़ा पोस्टर और होर्डिंग वार शुरू हो गया है.
राजधानी लखनऊ से लेकर नोएडा तक प्रदेश के 10 प्रमुख जिलों में रातों-रात लगे पोस्टरों ने यूपी का सियासी पारा चढ़ा दिया है. इन पोस्टरों के जरिए सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा गया है और उनकी पिछली सरकार की तुलना ‘ल्यारी राज’ (अराजकता) से की गई है.
‘यूथ अगेंस्ट माफिया के 10 जिलों में होर्डिंग्स (Uttar Pradesh Big Political Fight)
यह पोस्टर वार ‘यूथ अगेंस्ट माफिया का यलगार’ (Youth Against Mafia) नाम के संगठन द्वारा शुरू किया गया है. राजधानी लखनऊ में सीएम आवास समेत कई मुख्य चौराहों पर ये बड़े होर्डिंग्स देखे जा सकते हैं. इसके अलावा मलिहाबाद, सीतापुर, हरदोई, जौनपुर, बाराबंकी, आजमगढ़, नोएडा, प्रतापगढ़, अमेठी और गोंडा जैसे 10 बड़े जिलों में भी यह पोस्टर लगाए गए हैं.
दंगों की याद बनाम माफियाओं का अंत (Uttar Pradesh Election Battle)
इस पोस्टर वार की सबसे खास बात इसकी तुलनात्मक शैली है. होर्डिंग में एक तरफ समाजवादी पार्टी के शासनकाल के दौरान हुए मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली दंगों की पुरानी अखबारी कटिंग लगाई गई हैं, जिन्हें ‘अखिलेश का ल्यारी राज’ नाम दिया गया है.
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दूसरी तरफ ‘धुरंधर CM योगी’ के नाम से उन तस्वीरों और अखबारी कटिंग्स को जगह दी गई है, जो यूपी से खूंखार माफियाओं के अंत की गवाही देती हैं. इनमें अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और मुकीम काला जैसे कुख्यात अपराधियों की मौत और उनके साम्राज्य के खात्मे की खबरें प्रमुखता से चस्पा की गई हैं.
2027 के लिए नैरेटिव सेट करने की तैयारी (uttar pradesh election strategy)
आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इन पोस्टरों को एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. जिस तरह एक्शन फिल्मों में ‘धुरंधर’ नायक समाज से गुंडों और माफियाओं का सफाया कर शांति स्थापित करता है, ठीक उसी तर्ज पर सीएम योगी को यूपी के रक्षक के रूप में प्रोजेक्ट किया जा रहा है. चुनाव से ठीक पहले यह पोस्टर वार इस बात का संकेत है कि बीजेपी और उसके समर्थक संगठन 2027 के रण में कानून-व्यवस्था और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाने जा रहे हैं.
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