UP Police Encounter Data: उत्तर प्रदेश में मार्च 2017 में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता की कमान संभाली थी, तब उनका सबसे पहला संकल्प राज्य को भयमुक्त और अपराधमुक्त बनाना था. आज 9 साल बाद सरकारी आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि योगी सरकार की ‘ठोको नीति’ और जीरो टॉलरेंस मॉडल ने यूपी से अपराधियों का सूपड़ा साफ कर दिया है.
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2017 से लेकर अब तक उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपराधियों के हौसले पस्त करते हुए रिकॉर्ड 17,043 पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) किए हैं. इसका औसत निकाला जाए तो यूपी पुलिस हर दिन औसतन 5 एनकाउंटर कर सूबे की कानून व्यवस्था को मजबूत कर रही है.
11 हजार से ज्यादा अपराधी घायल, 289 खूंखार ढेर (UP Encounter Data)
योगी सरकार द्वारा जारी आधिकारिक डेटा के अनुसार, इन साहसिक मुठभेड़ों में राज्य पुलिस ने 289 खूंखार और कुख्यात अपराधियों को ढेर कर दिया है, जिन पर लाखों के इनाम घोषित थे. सरकार की इस कड़क घेराबंदी का असर यह हुआ कि 11,834 शातिर अपराधी गोली लगने से घायल हुए और कानून के शिकंजे में आए. यूपी पुलिस की इस आक्रामक रणनीति के डर से आज राज्य के बड़े-बड़े माफिया या तो जेलों में बंद हैं या जमानत तुड़वाकर दूसरे राज्यों में भाग चुके हैं.
मेरठ ज़ोन रहा ‘क्राइम क्लीनिंग’ में आगे (Meerut Encounter Data)
अपराधियों के खिलाफ इस महाअभियान में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मेरठ ज़ोन सबसे आगे रहा, जो कभी गैंगवार और रंगदारी के लिए कुख्यात था.
- मेरठ ज़ोन: रिकॉर्ड 4,813 एनकाउंटर हुए, जिनमें 97 कुख्यात क्रिमिनल मारे गए, 3,513 घायल हुए और 8,921 अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा गया.
- वाराणसी ज़ोन: पूर्वांचल में कानून का इकबाल बुलंद करते हुए 1,292 मुठभेड़ों में 29 अपराधियों को ढेर कर यह ज़ोन दूसरे नंबर पर रहा.
- आगरा ज़ोन: 2,494 एनकाउंटर और 24 अपराधियों को ढेर कर आगरा ज़ोन तीसरे स्थान पर रहा.
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कमिशनरेट में गाजियाबाद और लखनऊ अव्वल (UP Police encounter statistics)
अगर बड़े शहरों और कमिशनरेट प्रणाली की बात करें, तो गाजियाबाद कमिशनरेट अपराधियों पर कहर बनकर टूटा, जहाँ सभी कमिशनरेट में सबसे ज्यादा 789 एनकाउंटर हुए और 18 अपराधी मारे गए. वहीं, लखनऊ कमिशनरेट में 147 मुठभेड़ों में 12 क्रिमिनल्स का सफाया किया गया. इसके अलावा बरेली ज़ोन (21 ढेर), लखनऊ ज़ोन (20 ढेर), कानपुर ज़ोन (12 ढेर) और प्रयागराज ज़ोन (11 ढेर) में भी पुलिस ने अपराधियों की कमर तोड़ कर रख दी.
खाकी का सर्वोच्च बलिदान (UP police encounter latest news)
उत्तर प्रदेश को सुरक्षित बनाने की इस मुहिम में यूपी पुलिस के जवानों ने भी अपनी वीरता की नई इबारत लिखी है. इन जांबाज मुठभेड़ों के दौरान 18 पुलिसकर्मियों ने देश और राज्य की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान (शहादत) दिया, जबकि 1,852 पुलिसकर्मी अपराधियों का लोहा लेते हुए घायल हुए. पुलिस विभाग के इसी अदम्य साहस का नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश ‘उद्यम प्रदेश’ बनने की राह पर अग्रसर है, जहाँ महिलाएं सुरक्षित हैं और व्यापारी बिना किसी खौफ के व्यापार कर रहे हैं.
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