UP SIR Final List
UP SIR Final List: उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की अंतिम मतदाता सूची जारी हो गई है. जिसमें 2 करोड़ 4 लाख 39 हजार मतदाताओं के नाम काटे गए हैं. यूपी में अक्टूबर 2025 में SIR की प्रक्रिया शुरू हुई थी.
SIR की अंतिम रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में पहले जहां 15 करोड़ 44 लाख से ज्यादा मतदाता थे, वो अब घटकर 13 करोड़ 39 लाख 82 हजार 792 रह गए हैं.
सूबे में 166 दिनों तक चली SIR की प्रक्रिया के बाद जारी अंतिम सूची में बड़ा खुलासा हुआ है. यूपी में 7 करोड़ 30 लाख 71 हजार 61 पुरुष मतदाता हैं, वहीं 6 करोड़ 9 लाख 9 हजार 525 महिला मतदाता हैं.
6 जनवरी को जारी की गई थी ड्राफ्ट लिस्ट
इससे पहले 6 जनवरी 2026 को SIR की ड्राफ्ट लिस्ट जारी की गई थी. जिसके मुताबिक राज्य में कुल 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता थे. जिसमें करीब 5 करोड़ 67 लाख 8 हजार 747 महिला और 6 करोड़ 88 लाख 43 हजार 159 पुरुष मतदाता थे.
ड्राफ्ट सूची के मुकाबले अंतिम सूची में 84 लाख 28 हजार 767 मतदाताओं की बढ़ोतरी हुई है. जारी सूची के मुताबिक सबसे ज्यादा मतदाता प्रयागराज, गाजियाबाद, लखनऊ, बरेली और जौनपुर जिले में बढ़े हैं.
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के हालिया संशोधन के बाद बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिले हैं. आंकड़ों के मुताबिक, कई बड़े शहरों में लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जबकि कुछ जगहों पर नए वोटरों की संख्या बढ़ी भी है.
लखनऊ में सबसे ज्यादा मतदाता हुए कम
सबसे ज्यादा असर राजधानी लखनऊ में दिखा, जहां करीब 9.14 लाख (22.89%) मतदाता कम हुए हैं. इसके बाद प्रयागराज में 8.26 लाख, कानपुर में 6.87 लाख, आगरा में 6.37 लाख और गाजियाबाद में 5.74 लाख मतदाता घटे हैं.
विधानसभा स्तर पर भी यही ट्रेंड नजर आया. साहिबाबाद में सबसे ज्यादा 3.16 लाख वोटर कम हुए, जबकि नोएडा, लखनऊ उत्तर, आगरा कैंट और इलाहाबाद उत्तर में भी बड़ी संख्या में नाम हटे हैं. खास बात यह रही कि लखनऊ कैंट में सबसे ज्यादा 34.18% की गिरावट दर्ज की गई.
इन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी
हालांकि तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं है. कुछ क्षेत्रों में नए मतदाताओं की अच्छी-खासी बढ़ोतरी भी हुई है. साहिबाबाद में करीब 82 हजार, जौनपुर में 56 हजार, लखनऊ पश्चिम में 54 हजार, लोनी में 53 हजार और फिरोजाबाद में लगभग 47 हजार नए मतदाता जुड़े हैं.
इस पूरे बदलाव को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जरिए मतदाता सूची को ज्यादा पारदर्शी और साफ-सुथरा बनाया गया है. उनके मुताबिक, इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट नाम, मृतक मतदाता और जो लोग स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए गए हैं.
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जिनके नाम छूट गए वो जुड़वा सकते हैं
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों का नाम अभी सूची में नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर आसानी से अपना नाम जुड़वा सकते हैं.
चुनाव आयोग को उम्मीद है कि इस साफ-सुथरी मतदाता सूची का असर आगामी विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा.
-भारत एक्सप्रेस
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