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फर्जी सिम, नया बैंक खाता और अपने नाम करा ली ₹50 करोड़ की जमीन, वाराणसी में भाजपा जिला उपाध्यक्ष का कारनामा

Varanasi News: वाराणसी में आयुष्मान कार्ड बनवाने के नाम पर एक रिटायर्ड शिक्षक की 50 करोड़ रुपये की जमीन हड़प ली गई. इस धोखाधड़ी में पीड़ित के सगे भतीजे, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष समेत 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है.

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Varanasi News: वाराणसी में आयुष्मान कार्ड बनवाने के नाम पर एक रिटायर्ड शिक्षक की 50 करोड़ रुपये की जमीन हड़प ली गई. इस धोखाधड़ी में पीड़ित के सगे भतीजे, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष समेत 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है. जमीन की धोखाधड़ी में भाजपा नेता का नाम सामने आने के बाद वाराणसी की राजनीति गर्म हो गई है.

रिटायर शिक्षक की पत्नी ने पुलिस में शिकायत दी है. जिसमें उन्होंने सगे भतीजे विशाल मिश्रा, ड्राइवर रवि और वरुणापति उपाध्याय, नितेश राय, भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह सहित 10 लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है.

क्या है पूरा मामला?

रिटायर्ड शिक्षक ओम प्रकाश मिश्रा पिछले 2 सालों से किडनी रोग से पीड़ित हैं. उनका एक सप्ताह में 2 बार डायलिसिस होता है. उनका एक ही बेटा अभिषेक मिश्रा हैं, जो मुरादाबाद में चिकित्सक हैं. पीड़ित शिक्षक ओम प्रकाश मिश्रा की पत्नी प्रमिला मिश्रा के मुताबिक भतीजा विशाल मिश्रा, ड्राइवर रवि और वरुणापति उपाध्याय उनको डायलिसिस कराने के लिए अस्पताल ले जाते थे.

इसी बीच आरोपियों ने ओम प्रकाश मिश्रा से कहा कि हर सप्ताह डायलिसिस में बहुत पैसा लग रहा है. इससे बचने का एक उपाय है कि आपका आयुष्मान कार्ड बनवा देते हैं. इससे एक साल में 5 लाख तक का मुफ्त में इलाज हो जाएगा.

खाता खुलवाया, सिम लिया और कर दिया कांड

आयुष्मान कार्ड के नाम पर आरोपियों ने पीड़ित ओम प्रकाश मिश्रा के नाम पर बैंक में खाता खुलवाया. पीड़ित की पत्नी प्रमिला मिश्रा ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी ढंग से उनके पति के नाम पर एक सिम कार्ड भी ले लिया और उनके खाते से वह नंबर जुड़वा लिया.

इसी बीच 30 मार्च को ओम प्रकाश मिश्रा का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ. चिकित्सकों ने उन्हें धूप से बचने के लिए काले रंग का चश्मा दे दिया.

डायलिसिस के बाद अपने नाम करा ली करोड़ों की जमीन

प्रमिला मिश्रा के मुताबिक 7 अप्रैल को विशाल मिश्रा और ड्राइवर रवि उपाध्याय पति का डायलिसिस कराने गैलेक्सी अस्पताल ले गए. डायलिसिस के बाद वो चल-फिर तो सकते थे, लेकिन उन्हें उतना होश नहीं था. उन्होंने पीड़ित शिक्षक को उपनिबंधन कार्यालय गंगापुर ले गए और 5 बिस्वा जमीन रितेश राय को बैनामा करा दी. वहीं लगभग 65 बिस्वा जमीन और गोदाम विशाल मिश्रा ने दो दानपत्र विलेख के जरिये अपने नाम करा ली.

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जब पति सही हुए तो उन्होंने आरोपियों से आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा तो आरोपी टालमटोल करते हुए फरार हो गए. पीड़िता ने इस मामले में भतीजे विशाल मिश्रा, ड्राइवर, सहित 10 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है.

-भारत एक्सप्रेस



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