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क्या है मध्य प्रदेश का ODOP मॉडल? जो उत्तर प्रदेश के विकास को देगा रफ्तार

MP ODOP Model: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आज वाराणसी में हैं. आखिर राष्ट्रीय स्तर पर ‘सिल्वर अवार्ड’ जीत चुका एमपी का वो कौन सा खास ‘ODOP’ (वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट) मॉडल है, जो अब यूपी के विकास की रफ्तार को दोगुना करने वाला है? आइए जानते हैं…

MP ODOP Model CM Mohan Yadav in Varanasi

MP ODOP Model: उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच व्यापार, पर्यटन और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 मार्च को वाराणसी के दौरे पर हैं, जहां वे रमाडा होटल में आयोजित ‘एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन’ में हिस्सा ले रहे हैं. इस सम्मेलन का मुख्य फोकस मध्य प्रदेश के उस सफल ‘ओडीओपी’ (वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट) मॉडल पर है, जो अब यूपी के साथ मिलकर दोनों राज्यों की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान देगा.

क्या है मध्य प्रदेश का सफल ODOP मॉडल?

मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश ने ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) को सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि एक बेहद प्रभावी आर्थिक मॉडल के रूप में विकसित किया है. यह मॉडल स्थानीय कारीगरों और किसानों के उत्पादों को सिर्फ जिला स्तर पर पहचान दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सीधे बड़े बाजारों, ई-कॉमर्स और निर्यात (Export) से जोड़ रहा है.

उत्पादों की बेहतरीन ब्रांडिंग, शानदार पैकेजिंग और ‘जीआई टैगिंग’ (GI Tagging) के जरिए एमपी ने जो इकोसिस्टम तैयार किया है, उसी की बदौलत मध्य प्रदेश के ओडीओपी मॉडल को ‘अवॉर्ड-2024’ में प्रतिष्ठित सिल्वर अवार्ड से सम्मानित किया गया है. सम्मेलन में इसी परिणामोन्मुख मॉडल के अनुभव साझा किए जाएंगे और यूपी के नवाचारों को भी मध्य प्रदेश अपनाएगा.

होंगे कई MoU साइन

इस सहयोग सम्मेलन में सिर्फ ओडीओपी ही नहीं, बल्कि दोनों राज्यों के बीच व्यापार, पर्यटन और कौशल विकास (Skill Development) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) भी साइन किए जाएंगे. दोनों राज्यों की सरकारें मिलकर स्थानीय उद्यमियों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने की रूपरेखा तैयार कर रही हैं.

काशी-उज्जैन-चित्रकूट पर्यटन सर्किट

सम्मेलन के ‘टूरिज्म राउंड टेबल’ में एक बड़ा फैसला धार्मिक पर्यटन को लेकर होने जा रहा है. इसके तहत काशी, उज्जैन और चित्रकूट को जोड़कर एक ‘संयुक्त पर्यटन उत्पाद’ (Joint Tourism Circuit) के रूप में विकसित करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जा रहा है, जिससे दोनों राज्यों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होगा.

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काशी विश्वनाथ से सीखेंगे सीएम मोहन

सहयोग सम्मेलन के बाद सीएम मोहन यादव श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का भ्रमण कर दर्शन-पूजन करेंगे. इस दौरान उनका एक बड़ा मकसद काशी विश्वनाथ मंदिर के सफल ‘भीड़ प्रबंधन’ (Crowd Management) मॉडल का बारीकी से अध्ययन करना है. मुख्यमंत्री इस मॉडल की खूबियों को समझेंगे ताकि साल 2028 में उज्जैन में होने वाले ‘सिंहस्थ महाकुंभ’ में इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके और करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित हो सके.



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