US Israel Iran Conflict 2026: ईरान के मशहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार को हुए अमेरिकी हवाई हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी है. इस हमले में ईरान की निजी एयरलाइन ‘महान एयर’ (Mahan Air) का एक विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. यह विमान कोई सामान्य उड़ान नहीं था, बल्कि इसे मानवीय सहायता (Humanitarian Aid) लेने के लिए दिल्ली आना था. ईरान ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन और मानवता के खिलाफ अपराध बताया है.
भारत से दवाइयां लेने आ रहा था विमान (US Israel Iran Conflict Update)
ईरानी सूत्रों और समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, यह विमान नई दिल्ली के लिए उड़ान भरने की तैयारी में था. इसे 1 अप्रैल को भारत पहुँचना था ताकि युद्ध प्रभावित लोगों के लिए भारत द्वारा भेजी जा रही जरूरी दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खेप को वापस ईरान ले जाया जा सके. इस हमले के कारण भारत और ईरान के बीच चल रहा मानवीय सहायता मिशन पूरी तरह बाधित हो गया है.
शिकागो और जिनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन (US Israel Iran Conflict Breaking)
ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘युद्ध अपराध’ घोषित किया है. ईरान ने तर्क दिया है कि किसी भी नागरिक विमान को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों (1944 के शिकागो कन्वेंशन और 1971 के मॉन्ट्रियल कन्वेंशन) के तहत एक अंतरराष्ट्रीय अपराध है.
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जिनेवा कन्वेंशन के अतिरिक्त प्रोटोकॉल-I के अनुच्छेद 52 के तहत, मानवीय सहायता ले जा रहे नागरिक उद्देश्यों पर हमला करना ‘वॉर क्राइम’ की श्रेणी में आता है. ईरान ने अंतरराष्ट्रीय निकायों से इस मामले की तत्काल जांच और दोषियों पर मुकदमा चलाने की मांग की है.
भारत की मानवीय मदद
भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं. हाल ही में भारत ने 18 मार्च को चिकित्सा आपूर्ति की पहली खेप ईरान भेजी थी. जम्मू-कश्मीर, विशेषकर बडगाम और बारामुल्ला के लोगों ने ईरान के लिए बड़े स्तर पर चंदा इकट्ठा किया है. कश्मीर की एक महिला ने अपने दिवंगत पति की निशानी (सोने के गहने) तक ईरान के लोगों की मदद के लिए दान कर दिए, जिसका वीडियो ईरानी दूतावास ने साझा कर आभार व्यक्त किया था.
‘महान एयर’ का इतिहास (US Israel Iran Conflict News)
फिलहाल अमेरिका की ओर से इस हमले पर कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान नहीं आया है. गौर करने वाली बात यह है कि ‘महान एयर’ वर्षों से अमेरिकी प्रतिबंधों के घेरे में है. वाशिंगटन का आरोप रहा है कि यह एयरलाइन ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के लिए हथियार और कर्मियों को ढोने का काम करती है, जिसे तेहरान हमेशा से नकारता रहा है.
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