Ayodhya: रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए 22 जनवरी की तारीख क्यों चुनी गई? जानिए इनसाइड स्टोरी
तीन साल पहले पांच अगस्त, 2020 को जब राम मंदिर का शिलान्यास हुआ था, तब काफी विवाद हुआ था। वाराणसी के संतों और ज्योतिषियों ने सवाल खड़े कर दिए थे। उनका कहना था कि शिलान्यास का मुहूर्त अशुभ है। इसको ध्यान में रखते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को लेकर विशेष ध्यान रखा है।
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