Devuthani Ekadashi 2025:तुलसी माता ने क्यों दिया भगवान विष्णु को श्राप, कैसे बने शालिग्राम?
हिंदू धर्मग्रंथों में तुलसी और भगवान विष्णु की कथा को अत्यंत पवित्र माना गया है। वृंदा के श्राप से जब भगवान विष्णु शालिग्राम बने, तब उन्होंने वृंदा को वरदान दिया कि वह तुलसी के रूप में जन्म लेंगी और सदैव उनकी पूजा में सम्मिलित रहेंगी। तुलसी विवाह का पर्व इसी दिव्य मिलन का प्रतीक है।
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