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मध्य प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियां बागियों से जूझ रही हैं. 2018 में बीजेपी का काम बागियों ने बिगाड़ दिया था. इस बार दोनों पार्टियां रणनीति के तहत एक दूसरे के बागियों का सहारा ले रहे हैं

चुनावी राजनीति में जीत का सबसे अहम पैमाना जाति को ही माना जाता है, लेकिन मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में ठाकुर-ब्राह्मणों की केमिस्ट्री में जाति का ये गणित फेल होता दिख रहा है। 14 फीसदी से भी कम आबादी वाले सामान्य वर्ग को 37 प्रतिशत उम्मीदवारी मिली है।

राजस्थान चुनाव में दोनों ही पार्टियों को एक दूसरे के दो-दो दिग्गज चेहरों ने परेशान कर दिया है। कांग्रेस को दीया कुमारी और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ तो वहीं बीजेपी को मुख्यमंत्री गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के सामने मजबूत चेहरा नहीं मिल रहा है।

राजस्थान की राजनीति में जाट वोट बैंक काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। 2018 में 34 जाट विधायक विधानसभा पहुंचने में कामयाब हुए। यही कारण है कि दोनों प्रमुख राजनीतिक संगठनों के साथ ही अन्य दल भी जाट वोट बैंक को साधने की कोशिश करते नजर आते हैं।

पिछले बहुत समय से 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की बात चर्चाओं में बनी हुई है, लेकिन सेमीकंडक्टर चीप की कमी इसके वजूद में आने पर एक बड़ी अड़चन साबित हो रही है.

हमास ने इजरायल के करीब 2 सौ लोगों को बंदी बना लिया. इसके बाद से दोनों के बीच घमासान मचा हुआ है. बंधक बनाने की इस हरकत को ईरान से जोड़ा जा रहा है. साल 1979 में दुनिया का सबसे ताकतवर मुल्क अमेरिका 444 दिनों तक ईरान के चंगुल में रहा. यहां तक कि अपहृत अमेरिकियों की आंखों पर पट्टी बांधकर परेड भी कराई गई थी.

पिछले बहुत समय से 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की बात चर्चाओं में बनी हुई है, लेकिन सेमीकंडक्टर चीप की कमी इसके वजूद में आने पर एक बड़ी अड़चन साबित हो रही है.

आतंकी संगठन हमास ने बहुत से यहूदी नागरिकों को बंधक बनाया हुआ है. इस बीच इजरायल लगातार हमास के कब्जे वाले इलाके गाजा पर हमले कर रहा है. माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में ही आर-पार का फैसला हो जाएगा. मगर, सवाल ये है कि गाजा पर हमास के खात्मे के बाद क्या इजरायल वापस लौटेगा, या अपना सैन्य बेस बनाकर वहीं बसने वाला है?

2006 में जब हमास ने गाजा पर शासन शुरू किया, तो उसी साल वहां करीब 75 हजार बच्चों का जन्म हुआ। इन बच्चों की उम्र आज 17 साल पूरी हो रही है। लेकिन इस दौरान उन्होंने जो देखा, उसकी मिसाल दुनिया में शायद ही कोई दूसरी हो।

इजराइल और हमास के बीच जारी जंग का आज 19वां दिन है। इजराइल ने UN अधिकारियों को वीजा देने से इनकार कर दिया है। दरअसल, इजराइल UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस के बयान से नाराज हैं। गुटेरेस ने कहा है कि फिलिस्तीनी इस जंग में जो सह रहे हैं, उसके बावजूद भी हमास के हमलों को सही नहीं ठहराया जा सकता। इसी तरह हमास के हमलों की सजा सभी फिलिस्तीनियों को मिलना भी सही नहीं है।