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महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के महागाव के एक परिवार के कई सदस्यों की रहस्यमयी मौत की गुत्थी जब पुलिस ने सुलझाई तो हर कोई हैरान रह गया. किसी को भरोस नहीं हो रहा था कि इस हत्याकांड को उसी परिवार की एक टॉपर बहू ने अंजाम दिया है.

देश में इस साल के अंत में ओडिशा सहित पांच राज्यों में विधानसभा और अगले साल लोकसभा चुनाव होने वाले हैं. इस चुनाव से पहले अलग-अलग राज्यों में कई ऐसे गड़े मुर्दे उखाड़े जाने लगे हैं जिससे सत्ताधारी या विपक्षी पार्टियों को फायदा पहुंच सकता है. इन्हीं मुद्दों में से एक है जगन्नाथ मंदिर के खजाने का मुद्दा.

छत्तीसगढ़ की कुल आबादी में आदिवासी वोटर्स की संख्या करीब 34 परसेंट है. जाहिर है कि चुनाव में इतना बड़ा समूह सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका में तो होगा ही. मगर, जब से छत्तीसगढ़ राज्य बना है, यहां की राजनीति भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस केंद्रित ही रही.

पुतिन की उम्र उस वक्त 16 साल की थी. एक दिन वो लिटेनी प्रोस्पेक्ट रोड पर मौजूद केजीबी के मुख्यालय पहुंच गए. वहां पहुंच कर उन्होंने रिसेप्शन पर बैठे अधिकारी से पूछा कि उनको केजीबी में नौकरी कैसे मिलेगी.

राजस्थान में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही बीजेपी और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और ज्यादा सक्रिय हो गए हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष लगातार अपने बेबाक बयान और फैसलों की वजह से चर्चा में है।

राजस्थान में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में प्रियंका गांधी की भूमिका बदली है। प्रियंका ने 10 सितंबर को टोंक और 20 अक्टूबर को दौसा में जनसभाओं को संबोधित किया।अब वे 25 अक्टूबर को झुंझुनूं में पूर्व केंद्रीय मंत्री शीशराम ओला की प्रतिमा का अनावरण कर सभा को संबोधित करेंगी।

देश में आम चुनाव से पहले जातिगत जनगणना जितना बड़ा मुद्दा बना हुआ है महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा भी उतना ही अहम है. अभी कुछ दिन पहले ही मराठा आरक्षण के मुद्दे को केंद्र में लाने वाले एक्टिविस्ट मनोज जरांगे ने सीएम एकनाथ शिंदे से कहा था.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के स्वास्थ्य को लेकर कई महीनों से चल रही अटकलों के बाद कथित तौर पर उन्हें दिल का दौरा पड़ा है.

इजरायल और हमास के बीच चल रही जंग ने पूरी दुनिया को दो खेमों में बांट दिया. ज्यादातर पश्चिमी देश इजरायल के साथ हैं, जबकि लगभग सभी मुस्लिम देश फिलिस्तीन की आड़ में हमास को सपोर्ट कर रहे हैं. वहीं, मुसलमानों का एक समुदाय इजरायल से नफरत नहीं करता, बल्कि उसके लिए जान देने को तैयार है. ये बदू मुसलमान हैं, जो इजरायली आर्मी का हिस्सा बने हुए हैं.

इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हेर्जोग ने हमास के पास केमिकल हथियार होने का दावा किया है. केमिकल हथियारों को 'भयंकर तबाही' मचाने वाले हथियारों की श्रेणी में रखा गया है. केमकल हथियार के जरिए बड़ी मात्रा में तबाही मचाई जा सकती है.