मायावती के बनाए रास्ते पर चली सपा, अब BJP भी उसी पिच पर खेल रही सियासी गेम
उत्तर प्रदेश की राजनीति में स्मारक, पार्क और विशाल मूर्तियां अब सिर्फ पत्थर नहीं, बल्कि सत्ता की पहचान बन गए हैं। बसपा ने दलित प्रतीकों और भव्य मूर्तियों से अपनी विरासत गढ़ी, एसपी ने समाजवादी नेताओं के नाम पर पार्क बनाकर विकास और समाजवाद का संदेश दिया, और अब बीजेपी राष्ट्रवादी प्रेरणा स्थलों के जरिए अपनी विचारधारा को मजबूत करने में लगी है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 चुनावों से पहले यह प्रतीकात्मक राजनीति और तेज होगी। सवाल यह है कि क्या ये स्मारक जनता के जीवन में विकास लाएंगे या सिर्फ राजनीतिक संदेश बनकर रह जाएंगे?
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