Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

रिक्शा के हैंडल से बिहार की सत्ता के स्टियरिंग तक; कौन हैं रत्नेश सदा, जिन्होंने सम्राट कैबिनेट में ली शपथ?

रत्नेश सदा का जीवन संघर्ष और मेहनत की मिसाल है, जिन्होंने गरीबी में जन्म लेकर रिक्शा चलाते हुए अपनी पढ़ाई पूरी की और आज जेडीयू के विधायक से बिहार सरकार में मंत्री बनने तक का सफर तय किया है.

बिहार की सम्राट चौधरी सरकार में गुरुवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार में जेडीयू के वरिष्ठ नेता रत्नेश सदा ने मंत्री पद की शपथ ली. एनडीए घटक दलों के कोटे से चुने गए विधायकों में शामिल रत्नेश सदा का नाम विशेष रूप से चर्चा में है. 55 वर्षीय रत्नेश सदा बिहार विधानसभा की सोनवर्षा सीट से जेडीयू विधायक हैं. उनके मंत्री बनने की खबर सुनते ही उनके पैतृक गांव बलिया सिमर में खुशी का माहौल छा गया.

रत्नेश सदा की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. गरीबी और संघर्ष की कठिन राहों को पार करते हुए उन्होंने शिक्षा हासिल की और राजनीति के मैदान में अपनी पहचान बनाई.

गरीबी के साए में बीता बचपन

रत्नेश सदा का जन्म सहरसा जिले के महिषी थाना क्षेत्र के बलिया सिमर गांव में हुआ. उनके पिता एक साधारण दिहाड़ी मजदूर थे. परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी. घर में दो वक्त की रोटी जुटाना भी चुनौती भरा काम था. ऐसे में रत्नेश सदा ने कभी हार नहीं मानी.

शुरुआती दिनों में गुजर-बसर के लिए उन्होंने रिक्शा चलाया. दिन भर मेहनत करने के बाद भी पढ़ाई नहीं छोड़ी. तंगहाली के बावजूद उन्होंने स्नातक की डिग्री पूरी की. पढ़ाई के प्रति उनके जुनून और लगन ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.

राजनीतिक सफर और सफलता

रिक्शा चलाने वाले युवक से जेडीयू के विधायक और अब मंत्री बनने तक का सफर रत्नेश सदा के अथक परिश्रम, जनसेवा और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ाव का परिणाम है. सोनवर्षा विधानसभा क्षेत्र में उन्होंने लगातार लोगों की समस्याओं को उठाया और पार्टी के साथ मजबूती से जुड़े रहे.

उनके मंत्री बनने पर गांववाले खुशी मना रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि रत्नेश सदा का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है. यह साबित करता है कि चाहे शुरुआत कितनी भी कठिन क्यों न हो, मेहनत और संकल्प से कुछ भी हासिल किया जा सकता है.

सम्राट सरकार में नया चेहरा

सम्राट चौधरी सरकार के इस मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी, जेडीयू और अन्य एनडीए सहयोगी दलों के विधायकों को जिम्मेदारी दी गई है. रत्नेश सदा जैसे नेताओं का शामिल होना सरकार को ग्रामीण बिहार और पिछड़े क्षेत्रों की आवाज़ मजबूत करने में मदद करेगा.

रत्नेश सदा अब बिहार सरकार में अपनी नई भूमिका में विकास कार्यों, खासकर सहरसा और आसपास के क्षेत्रों के उत्थान पर फोकस करने वाले हैं. उनकी नियुक्ति उन लाखों युवाओं और गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है, जो संघर्ष कर रहे हैं.

रत्नेश सदा की कहानी सिखाती है कि सपने देखने और उन्हें पूरा करने के बीच सिर्फ लगातार प्रयास ही पुल बनाते हैं. बलिया सिमर से शुरू हुई यह यात्रा अब बिहार की सत्ता तक पहुंच चुकी है.

ये भी पढ़ें: दीवार पर लिखी इबारत पढ़ने से चूक गई तृणमूल : क्यों टीएमसी से छिटककर भाजपा की ओर गया बंगाल का वोटर?

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital