Ayatollah Khamenei funeral: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम की शुरुआत तेहरान में हो चुकी है. इस मौके पर कई देशों के प्रतिनिधि मौजूद हैं. भारत से भी एक विशेष डेलिगेशन गया है जिसमें चारों धर्मों के गुरु शामिल हैं. यह भारत की धर्मनिरपेक्ष छवि को दुनिया के सामने पेश करता है.
कौन कर रहा है डेलिगेशन का नेतृत्व?
भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री पवित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने डेलिगेशन का नेतृत्व किया. उन्होंने ईरान के दिवंगत नेता को भारत सरकार और देशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की.
सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा
विदेश राज्य मंत्री मार्गेरिटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा कीं. उन्होंने लिखा कि भारत की ओर से श्रद्धांजलि दी गई और प्रधानमंत्री कार्यालय व विदेश मंत्रालय को टैग भी किया. बिहार लोकभवन ने भी पोस्ट कर बताया कि राज्यपाल ने पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की.
ईरानी दूतावास ने क्या कहा?
भारत स्थित ईरानी दूतावास ने भी वीडियो साझा किया जिसमें भारतीय प्रतिनिधि श्रद्धांजलि देते नजर आए. दूतावास ने कहा कि भारत सरकार के विशेष प्रतिनिधियों ने ईरान के शहीद नेता को सम्मान दिया. इसके अलावा भारतीय धार्मिक नेताओं का एक अलग समूह भी तेहरान पहुंचा और श्रद्धांजलि दी.
धार्मिक गुरुओं की मौजूदगी
हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मगुरु भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने पीएम मोदी को आमंत्रित किया था. कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी भारत की ओर से मौजूद रहे. महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर खामेनेई को ‘सम्मानित नेता’ बताते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना किया और उत्पीड़ितों के लिए संघर्ष किया.
अंतिम संस्कार का कार्यक्रम
खामेनेई का निधन 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के पहले दिन हुआ था. उनके अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 5 से 7 जुलाई तक तेहरान और कोम में आयोजित होंगे. इसके बाद 9 जुलाई को मशहद शहर में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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