Balochistan fake encounters
Pakistan Forces Fake Encounters: पाकिस्तानी सेना लगातार बलूचिस्तान में आजादी की आवाज दमन करने का काम कर रही है. वहीं, बलूच लोग अपनी आजादी की आवाज लगातार बुलंद कर रहे हैं. उनकी आवाज को दबाने के लिए पाकिस्तानी सेना फर्जी मुठभेड़ों को अंजाम दे रही है. इस रणनीति से इलाके में डर का माहौल बनाने का प्रयास हो रहा है. वहीं, इन फर्जी मुठभेड़ों ने बलूच लोगों में और आक्रोश भर दिया है. आइए बताते हैं पूरा मामला.
हिरासत में 3 बलूच लोगों की हत्या का आरोप
आपको बता दें कि बलूच अधिकार कार्यकर्ताओं ने पाक सुरक्षा बलों पर हिरासत में तीन बलूच लोगों की हत्या करने का आरोप लगाया है. उनका आरोप है कि इन घटनाओं को सशस्त्र झड़प की तरह पेश किया जा रहा है. मरने वाले 3 लोगों की पहचान अब्दुल रहमान बुजदार, फरीद बुजदार और सुल्तान मर्री के रूप में हुई है. उनके शव को राखी बेसिक हेल्थ यूनिट अस्पताल में भेजा गया है.
आतंकवाद निरोधी विभाग के दावे खारिज
जानकारी के अनुसार पाकिस्तान के आतंकवाद निरोधी विभाग (CTD) का दावा है कि बरखान जिले में हुए एक अभियान में 3 आतंकवादियों को मार गिराया गया है. हालांकि, आतंकवाद निरोधी विभाग के दावों को बलूच अधिकार समूहों ने खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि ये लोग बीते कई माह से लापता थे. इन्हें जबरन गायब किया गया था. इन्हें पहले अवैध तरिके से हिरासत में रखा गया. इसके बाद उन्हें मार दिया गया. पाक CTD के प्रवक्ता का दावा है कि मुठभेड़ में इनकी मौत हुई है. मौके से हथियार भी बरामद किए गए हैं.
केवल मार्च 2025 में 80 हत्याएं दर्ज
दरअसल, बलूचिस्तान मानवाधिकार परिषद ने केवल मार्च 2025 में 151 जबरन गायब लोगों और 80 हत्या के मामले दर्ज किए. आरोप है कि पाकिस्तान लंबे समय से ऐसा काम करता आया है. पाक एजेंसियों और सुरक्षा बलों पर कई बार मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगता रहा है. इसमें लोगों को जबरन गायब करना भी शामिल है.
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