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भारत-मलेशिया संबंधों में जाकिर नाइक की ‘गांठ’! मलेशियाई उच्चायुक्त ने कहा- ‘सरकार का कोई लेना-देना नहीं’

Malaysia High Commissioner On Zakir Naik: मलेशिया के उच्चायुक्त दातो मुजफ्फर शाह मुस्तफा ने कहा है कि भारत के साथ हमारा द्विपक्षीय प्रत्यर्पण समझौता है और इसकी एक प्रक्रिया है जिसका पालन किया जाना आवश्यक है.

Malaysia High Commissioner On Zakir Naik

Malaysia High Commissioner On Zakir Naik: अक्टूबर के अंत तक कुआलालंपुर में साल का दूसरा आसियान शिखर सम्मेलन आयोजित होने वाला है. इस सम्मेलन में भारत और मलेशिया के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर भी बातचीत हो सकती है. इसी बीच भारत में मलेशिया के उच्चायुक्त दातो मुजफ्फर शाह ने भारत को जाकिर नाइक को सौंपने को लेकर एक बड़ा बयान दिया है.

मलेशिया के उच्चायुक्त दातो मुजफ्फर शाह मुस्तफा ने कहा है कि भारत के साथ हमारा द्विपक्षीय प्रत्यर्पण समझौता है और इसकी एक प्रक्रिया है जिसका पालन किया जाना आवश्यक है. जाकिर नाइक का मामला वर्तमान में कानूनी प्रक्रिया से गुजर रहा है. यह मामला मलेशियाई कोर्ट की निगरानी में है और इसे न्यायिक विचार के आधार पर निपटाया जाएगा. भारत सरकार द्वारा दिए गए औचित्य के आधार पर जाकिर नाइक को प्रत्यर्पित करने का कोई कारण नहीं है. इस मामले का मलेशियाई सरकार से कोई लेना-देना नहीं है.

दोनों देशों के संबंध ऐतिहासिक

दोनों देशों के बीच संबंध को मलेशिया के उच्चायुक्त मुस्तफा ने ऐतिहासिक करार दिया. उन्होंने कहा कि मलेशिया और भारत के बीच एक दीर्घकालिक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहा है. हमारे संबंध बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रहे हैं, जैसा कि मलेशिया के प्रधानमंत्री की हालिया भारत यात्रा से स्पष्ट है. यह यात्रा हमारे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में एक और मील का पत्थर साबित हुई. यह मलेशिया और भारत के बीच हमारे संबंधों के एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचने में भी परिलक्षित होता है.

मलेशिया के पास है वर्तमान आसियान की अध्यक्षता

आसियान शिखर सम्मेलन को लेकर उन्होंने कहा कि मलेशिया वर्तमान में आसियान का अध्यक्ष है और हम अपनी अध्यक्षता को बहुत महत्व देते हैं. समावेशिता और स्थिरता का विषय न केवल आसियान के लिए, बल्कि विशेष रूप से मलेशिया के लिए भी और अधिक महत्व रखता है. हम आसियान सदस्य देशों के अलावा भारत सहित अन्य नेताओं से भी भविष्य को लेकर विचार-विमर्श करने के लिए कुआलालंपुर में एकत्रित होने की उम्मीद करते हैं.

पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए उत्सुक

उच्चायुक्त मुस्तफा ने कहा, “मलेशिया इस शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए उत्सुक है. हम जानते हैं कि भारत आसियान के संवाद भागीदारों में से एक है और आसियान के सभी संवाद भागीदारों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों को निमंत्रण दिया गया है.”

डोनाल्ड ट्रंप ने भी भाग लेने की जताई इच्छा

आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय बैठक को लेकर उन्होंने कहा कि इस समिट में भाग लेने वाले नेता इस अवसर का लाभ उठाकर अलग से बैठकें भी करेंगे. मलेशिया के प्रधानमंत्री से पिछली बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसमें भाग लेने की अपनी इच्छा के बारे में बात की थी. हालांकि मुझे ज्ञात नहीं है कि भारत और अमेरिका के बीच किसी बैठक का अनुरोध किया गया है या नहीं, लेकिन अगर यह आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान होती है तो मलेशिया को ऐसी महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करने में बहुत खुशी होगी.

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उन्होंने कहा कि जैसा कि सभी आसियान शिखर सम्मेलनों में होता है, अमेरिकी राष्ट्रपति को आमंत्रित किया गया है. सम्मेलन के दौरान आसियान देशों और वार्ता भागीदारों के लिए चिंता के सभी मुद्दों को उठाया जाएगा और उन पर चर्चा की जाएगी. मुझे उम्मीद है कि आतंकवाद एजेंडे के प्रमुख विषयों में से एक होगा.

गाजा में दो साल से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 20 सूत्रीय प्लान को लेकर उन्होंने कहा कि अभी तक मुझे गाजा के संबंध में किसी प्रस्ताव की जानकारी नहीं है.

-भारत एक्सप्रेस



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