भारत को ब्रिटेन ने बताया दमनकारी.
खालिस्तानियों के समर्थन में कनाडा के बाद अब ब्रिटेन (Britain) ने भी कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं, जिसकी झलक हाल ही में जारी हुई एक रिपोर्ट में दिखाई देती है. ब्रिटेन की संसदीय समिति की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ विदेशी सरकारें ब्रिटेन में रहने वाले लोगों को डराने-धमकाने और उनकी आवाज को दबाने की कोशिशें कर रही हैं.
Britain जारी की रिपोर्ट
संसदीय समिति की इस रिपोर्ट को ‘ट्रांसनेशनल रिप्रेशन इन द यूके’ नाम दिया गया है. इस रिपोर्ट में ब्रिटेन में विदेशी सरकारों की गतिविधियों को मानवाधिकारों के लिए खतरा बताया है. समिति ने सरकार से इस पर एक्शन लिए जाने की मांग भी की है.
12 देशों को दमनकारी लिस्ट में डाला
ब्रिटेन संसदीय समिति (Britain) की इस ट्रांसनेशनल रिप्रेशन इन द यूके की रिपोर्ट में 12 देशों के नाम शामिल किए गए हैं, जिसमें भारत, चीन, पाकिस्तान, ईरान, मिस्र, रूस, बहरीन, यूएई, सऊदी अरब, तुर्किये, रवांडा और इरिट्रिया शामिल है. हालांकि भारत की ओर से इस रिपोर्ट पर अब तक किसी भी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.
रिपोर्ट के साथ ही संसदीय समिति ने जिन सबूतों को पेश किया है, उसमें भारत के संदर्भ में सिख फॉर जस्टिस का भी जिक्र किया गया है. सिख फॉर जस्टिस एक खालिस्तानी समर्थक संगठन है, जिसे भारत में UAPA के तहत गैरकानूनी संगठन घोषित किया गया है.
बता दें कि ब्रिटेन (Britain) की इस संसदीय समिति में कई पार्टियों के सासंद शामिल हैं और ये समिति ब्रिटेन के भीतर मानवाधिकारों से जुड़े मामलों की जांच करती है. समिति ने रिपोर्ट में दावा किया है कि उसे ठोस सबूत मिले हैं कि कई विदेशी सरकारें यूके की जमीन पर दमनकारी गतिविधियों को अंजाम दे रही हैं. इसका असर लोगों पर काफी ज्यादा पड़ा है.
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इतना ही नहीं, बताया गया है कि ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसी MI5 की जांच में ऐसे मामलों में 2022 के बाद से करीब 50 फीसदी की वृद्धि हुई है. कहा गया है कि कुछ देश इंटरपोल का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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