Bharat Express DD Free Dish

कौन हैं एन कार्सन? जिन्हें शास्त्रीय परंपराओं को नया रूप देने के लिए मिला साहित्य का नोबेल पुरस्कार

कनाडा की प्रसिद्ध लेखिका और कवियत्री एन कार्सन को साहित्य का नोबेल पुरस्कार 2026 देने का ऐलान किया गया है. स्वीडिश अकादमी ने उनके साहसी और अभिनव साहित्य के लिए उन्हें इस शीर्ष सम्मान से नवाजा है.

Canadian Author Anne Carson Wins 2026 Nobel Prize In Literature

साहित्य जगत के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान ‘नोबेल पुरस्कार 2026’ की घोषणा कर दी गई है. इस साल साहित्य का नोबेल पुरस्कार कनाडा की प्रसिद्ध लेखिका, अनुवादक और क्लासिक्स की विद्वान Anne Carson को दिया गया है. स्वीडिश अकादमी ने गुरुवार, 8 अक्टूबर को इस बड़े सम्मान का ऐलान करते हुए कहा कि कार्सन को यह पुरस्कार उनके साहसी और रचनात्मक लेखन के लिए दिया गया है, जिसने प्राचीन शास्त्रीय परंपराओं से संवाद स्थापित करते हुए समकालीन साहित्य को नए रूप दिए हैं.

अकादमी की स्थायी सचिव इंग्रिड कार्लबर्ग ने बताया कि जब उन्होंने एन कार्सन को फोन पर इस खबर की जानकारी दी, तो वे आइसलैंड में थीं. कार्सन ने बेहद सादगी से कहा कि वे फिलहाल आइसलैंड की ठंडी हवाओं की आवाज सुन रही हैं. वे इस घोषणा से हैरान तो थीं, लेकिन उनकी आवाज में नोबेल मिलने की खुशी साफ झलक रही थी.

प्राचीन साहित्य और आधुनिक कविता का अनोखा संगम

1950 में कनाडा के टोरंटो में जन्मी एन कार्सन ने 1981 में क्लासिक्स में अपनी डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी की थी. उन्होंने अपने पूरे करियर में पढ़ाना, अनुवाद करना और कविता लिखना जारी रखा. कार्सन के साहित्य की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे शब्दों की उत्पत्ति (Etymology) को अपने लेखन का शुरुआती बिंदु मानती हैं. वे एक भाषाविद् के शब्दों के प्रति जुनून और एक कवि की नई सोच को बहुत ही खूबसूरती से मिलाती हैं.

1990 के दशक में उनकी कई बेहतरीन रचनाएं सामने आईं, जिनमें ‘द ग्लास एस्से’ (1995) काफी मशहूर हुई. वर्ष 2001 में प्रकाशित उनकी किताब ‘द ब्यूटी ऑफ द हसबैंड’ ने भी खूब वाहवाही बटोरी, जिसमें उन्होंने रोमांटिक कवि जॉन कीट्स की पंक्तियों के साथ एक रिश्ते के उतार-चढ़ाव को पिरोया है. वहीं, अपने दिवंगत भाई की याद में बनाई गई उनकी लंबी कविता ‘नोक्स’ (Nox) को अकादमी ने एक अविस्मरणीय कृति करार दिया.

साहित्य जगत में एन कार्सन का नाम पिछले कई सालों से नोबेल पुरस्कार की रेस में सबसे आगे चल रहा था. आखिरकार इस साल उन्हें इस सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया.

यह भी पढ़ें: शरीर के आर-पार गुजरते हैं ये रहस्यमयी कण! फ्रांसिस हॉल्ज़ेन को भौतिकी का नोबेल, जानिए दक्षिणी ध्रुव की बर्फ ने कैसे बदल दिया खगोल विज्ञान?

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read