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चीन ने लॉन्च किया अपना ‘Dream’ मिशन, 3 अंतरिक्ष यात्रियों को भेजा तियांगोंग स्पेस स्टेशन

चीन का यह मिशन इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने वाला तीसरा कार्यक्रम बना है और इसने मंगल और चांद पर भी रोबोटिक रोवर्स उतारे हैं.

शेनझोउ-19 अंतरिक्ष मिशन चीन

चीन ने अपना स्पेस मिशन शेनझोउ-19 (Shenzhou-19) बुधवार (30 अक्टूबर) को लॉन्च किया जिसमे तीन अंतरिक्ष यात्रियों को तियांगोंग स्पेस स्टेशन (Tiangong space station) भेजा गया. इस मिशन में देश की एकमात्र महिला अंतरिक्ष इंजीनियर भी शामिल हैं. इस मिशन का उद्देश्य 2030 तक चांद पर इंसानों को उतारने और भविष्य में एक लूनर बेस बनाने के लिए रिसर्च करना है.

शेनझोउ-19 मिशन के तहत यह दल मंगलवार रात 4:27 बजे (बीजिंग समयानुसार) जिउक्वान (Jiuquan) सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से रवाना हुआ. राज्य समाचार एजेंसी शिन्हुआ (Xinhua) और प्रसारक चाइना सेंट्रल टेलीविजन (CCTV) ने इसकी पुष्टि की.

चीन का ‘स्पेस ड्रीम’

इस मिशन की अगुवाई काई शुजे (Cai Xuzhe) कर रहे हैं. उनके साथ 34 वर्षीय अंतरिक्ष यात्री सॉन्ग लिंगडॉन्ग (Song Lingdong) भी हैं. चीन की अंतरिक्ष एजेंसी CMSA के उप निदेशक लिन शीचियांग (Lin Xiqiang) के अनुसार, यह टीम अगले साल अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में पृथ्वी पर लौटेगी.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के नेतृत्व में देश ने अपने “स्पेस ड्रीम” को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं. चीन का यह मिशन इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने वाला तीसरा कार्यक्रम बना है और इसने मंगल और चांद पर भी रोबोटिक रोवर्स उतारे हैं. तियांगोंग स्पेस स्टेशन, जिसे हर छह महीने में तीन अंतरिक्ष यात्रियों की नई टीमों से संचालित किया जाता है, इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा गौरव है.

मिशन का उद्देश्य

बीजिंग का कहना है कि वे 2030 तक चांद पर मानव मिशन भेजने की योजना पर काम कर रहे हैं और वहां एक बेस बनाने का इरादा रखते हैं. शेनझोउ-19 मिशन के एस्ट्रोनॉट्स तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर कई तरह के प्रयोग करेंगे, जिनमें कुछ ऐसे “ईंटों” से जुड़े होंगे जो चांद की मिट्टी जैसी सामग्री से बनाई गई हैं. ये सामग्री नवंबर में तियांगोंग के लिए तियानझोउ-8 कार्गो शिप के माध्यम से भेजी जाएंगी. चीनी वैज्ञानिक उम्मीद कर रहे हैं कि चंद्र मिट्टी का उपयोग भविष्य में चंद्र बेस बनाने के लिए किया जा सकेगा, जिससे अंतरिक्ष में सामग्री ले जाने की लागत कम हो जाएगी.

इस नए अंतरिक्ष दल का काम अंतरिक्ष विज्ञान और एप्लीकेशन्स का परीक्षण करना, मलबे से सुरक्षा के लिए उपकरण लगाना, और अतिरिक्त पेलोड और उपकरणों की स्थापना व रीसाइक्लिंग का प्रबंधन करना शामिल है.

चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम

चीन ने हाल के दशकों में अपने उन्नत अंतरिक्ष कार्यक्रम में अरबों डॉलर का निवेश किया है. 2019 में, चीन ने पहली बार चांद के दूरस्थ हिस्से पर अपना चांग’इ-4 (Chang’e 4) यान सफलतापूर्वक उतारा था. 2021 में, उसने मंगल पर एक छोटा रोबोट भी उतारा. तियांगोंग का कोर मॉड्यूल 2021 में लॉन्च किया गया था और यह स्टेशन लगभग 10 वर्षों तक उपयोग में रहेगा.


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-भारत एक्सप्रेस



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