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“इजरायल को आत्मरक्षा का अधिकार”, कैसे बदल गया ‘ड्रैगन’ का स्टैंड?

मतलब साफ है कि चीन ने स्वीकार किया है कि इजरायल को आतंकी समूह हमास के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है. बीते सप्ताह शी जिनपिंग ने युद्ध विराम का आह्वान किया था.

Israel Hamas War

Israel Hamas War

Israel Hamas War:  हमास के हमले और इजरायल की जवाबी कार्रवाई में अब तक 5000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. लाखों लोग बेघर हो गए हैं. माओं की गोद सूनी हो गई है. कई बच्चे यतीम हो गए. मलबे में दबकर कई मासूमों की सांसे टूट गईं. दुनिया में इस जंग को लेकर राजनीति भी चरम पर है. वैश्विक स्तर पर मुस्लिम और गैर मुस्लिम देश दो खेमे में बंटा हुआ है. एक तरफ जहां अमेरिका, भारत ,कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और ब्रिटेन जैसे देशों ने इजरायल को अपना समर्थन दिया है. वहीं ईरान, लेबनान सऊदी, कतर, पाकिस्तान जैसे सभी मुस्लिम देशों ने इजरायल की निंदा की है. अब तक इस युद्ध को लेकर कोई खास प्रतिक्रिया नहीं देने वाले चीन ने भी अब मुंह खोला है. चीन ने रविवार को इजरायल को अपना समर्थन देते हुए उसके साथ एकजुटता दिखाई और कहा कि इजरायल के पास अपनी आत्मरक्षा का अधिकार है.

चीन और इजरायल के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत

खबर है कि विदेश मंत्री वांग यी अमेरिका की एक हाई-प्रोफाइल यात्रा की तैयारी कर रहे हैं. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, वांग ने सोमवार को एक टेलीफोन कॉल में अपने इजरायली समकक्ष एली कोहेन से कहा, “हर देश को आत्मरक्षा का अधिकार है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करना चाहिए और नागरिकों की रक्षा करनी चाहिए.” मतलब साफ है कि चीन ने स्वीकार किया है कि इजरायल को आतंकी समूह हमास के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है. बीते सप्ताह शी जिनपिंग ने युद्ध विराम का आह्वान किया था और मिस्र और अन्य अरब देशों को इसके लिए इजरायल को तैयार करने के लिए कहा था.

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मध्य पूर्व में चीन ने तैनात किए युद्धपोत

इस बीच एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल और फिलिस्तीनी आतंकी समूह हमास के बीच चल रहे युद्ध के कारण क्षेत्र में तनाव बढ़ने के कारण चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने मध्य पूर्व में छह युद्धपोत तैनात किए हैं. छह युद्धपोतों में ज़िबो, एक टाइप 052 डी गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक, फ्रिगेट जिंगझू और कियानदाओहू शामिल हैं. चीन ने ऐसा कदम तब उठाया है जब अमेरिका अपने सबसे एडवांस जहाज यूएसए गेराल्ड आर फोर्ड को एक युद्ध समूह के साथ पश्चिम एशिया क्षेत्र में भेजा है. अमेरिका इजरायल को ए-10 वॉर्थोग और एफ-15 ई विमानों के साथ-साथ आधुनिक हथियारों से सहायता कर रहा है.

-भारत एक्सप्रेस



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