Donald Trump Address on Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज सुबह भारतीय समयानुसार करीब 6 बजे व्हाइट हाउस से राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के खिलाफ जारी युद्ध में ‘निर्णायक जीत’ का दावा किया है. यूएस के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के एक महीने पूरे होने पर ट्रंप ने बेहद आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा कि ईरान की नौसेना और वायुसेना अब पूरी तरह तबाह हो चुकी है.
बता दें कि ट्रंप के इस संबोधन (Donald Trump Today Speech) ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अब ईरान में ‘सत्ता परिवर्तन’ (Regime Change) के अंतिम चरण में है और आने वाले 2 से 3 हफ्तों में हमले और तेज किए जा सकते हैं.
‘ईरान की सैन्य शक्ति मिट्टी में मिली’
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में सैन्य सफलता का ब्योरा देते हुए कहा कि आज रात मैं गर्व से कह सकता हूं कि ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है और उनकी वायुसेना का नामोनिशान मिट गया है. आगे उन्होंने बताया कि पिछले 4 हफ्तों में अमेरिकी सेना ने ऐसी ‘तेज और जोरदार’ जीत हासिल की है, जो युद्ध के इतिहास में विरली है. ट्रंप के अनुसार, ईरान का ‘कमांड और कंट्रोल’ सिस्टम (IRGC) अब पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है और मिसाइल व ड्रोन लॉन्च करने की उनकी क्षमता अब न के बराबर रह गई है.
अयातुल्ला की मौत का जिक्र कर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने अपने भाषण (Donald Trump Today Speech) में एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान में अब सत्ता परिवर्तन हो चुका है. उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के कई शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेता, जो ‘आतंकवादी शासन’ का नेतृत्व कर रहे थे, अब मारे जा चुके हैं.
गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को हुए हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से ही ईरान नेतृत्व विहीन नजर आ रहा है. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरानी सेना अब काफी हद तक अमेरिकी नियंत्रण में है और अमेरिका का मुख्य उद्देश्य (ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना) पूरा कर लिया गया है.
होर्मुज को लेकर क्या कहा?
वैश्विक तेल आपूर्ति और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर ट्रंप ने दुनिया को दोटूक संदेश दिया है. उन्होंने कहा, “हमें अब होर्मुज की जरूरत नहीं है.” ट्रंप का यह बयान उन सहयोगी देशों और वैश्विक शक्तियों के लिए चेतावनी है जो इस मार्ग की सुरक्षा के लिए अमेरिका पर निर्भर रहते हैं. उन्होंने साफ किया कि अमेरिका अपने सहयोगियों का नुकसान नहीं होने देगा, लेकिन तेल मार्गों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब उन देशों को भी उठानी होगी जो वहां से व्यापार करते हैं.
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नाटो से बाहर निकलने के दिए संकेत
ट्रंप के इस संबोधन पर दुनिया भर के विशेषज्ञों की नजर इसलिए भी थी क्योंकि उन्होंने नाटो (NATO) गठबंधन से अमेरिका के बाहर निकलने की संभावनाओं पर भी बात की. उन्होंने दोहराया कि अमेरिका उन गठबंधनों पर विचार कर रहा है जो अमेरिकी हितों के अनुरूप नहीं हैं.
हालांकि जंग खत्म करने के बजाय ट्रंप ने अगले 2-3 हफ्तों तक अभियान जारी रखने की बात कही है. कयास लगाए जा रहे हैं कि अमेरिका अब ईरान के तेल के कुओं, खर्ग आईलैंड या उनके परमाणु खजाने (यूरेनियम) को पूरी तरह अपने कब्जे में लेने के लिए ‘फाइनल स्ट्राइक’ की तैयारी कर रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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