Trump hikes global tariffs: भारत में एक कहावत है- खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे. ठीक वहीं हाल ट्रंप का है. सोते-जागते सिर्फ टैरिफ. अपने ही देश में बेइज्जत होने और सुप्रीम कोर्ट से मुंह की खानी के बाद फिर से टैरिफ तो लगाया ही लगाया, लेकिन फैसले के 24 घंटे के बाद ही उन्होंने ग्लोबल टैरिफ दर 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी करने का ऐलान किया है.
ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122 का इस्तेमाल
उन्होंने ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122 का इस्तेमाल करते हुए लगभग सभी आयातित सामानों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने की घोषणा की। यह सेक्शन असाधारण परिस्थितियों में 150 दिनों तक 15% तक टैरिफ लगाने की अनुमति देता है। ट्रंप ने दावा किया कि कोर्ट के फैसले ने उनकी ताकत कम नहीं बल्कि और साफ कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट से झटका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उस समय बड़ा झटका लगा जब सुप्रीम कोर्ट ने उनके प्रशासन द्वारा लगाए गए ग्लोबल टैरिफ को अवैध करार दिया. कोर्ट ने 6-3 के फैसले में कहा कि ट्रंप ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट का गलत इस्तेमाल किया और अपनी शक्तियों से आगे बढ़कर टैरिफ लगाया. जजों का मानना था कि नेशनल इमरजेंसी के कानून का सहारा लेकर ट्रेड टैरिफ लगाना राष्ट्रपति की सीमा से बाहर है.
टैरिफ दर में नई बढ़ोतरी
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह ग्लोबल टैरिफ दर को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर रहे हैं. उनका कहना था कि कई दशकों से अमेरिका का फायदा उठाते रहे हैं और अब वो इसे कानूनी तौर पर रोकेंगे. उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में प्रशासन नए टैरिफ नियम जारी करेगा जिससे अमेरिका को फिर से महान बनाने की प्रक्रिया जारी रहेगी.

भारत पर क्या असर होगा?
भारत भी इस फैसले से प्रभावित होगा. पिछले साल अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था जिसे बाद में रूसी तेल आयात को लेकर 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया. फरवरी 2026 में ट्रंप ने इसे घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया था जब दोनों देशों ने एक अंतरिम ट्रेड डील पर सहमति जताई थी. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पुरानी दर 3.5 प्रतिशत पर लौटनी थी लेकिन ट्रंप के नए 15 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ से भारत पर प्रभावी दर 18.5 प्रतिशत हो गई है.
ट्रंप का क्या कहना है?
ट्रंप का कहना है कि कोर्ट ने जिन टैरिफ को खारिज किया था उनकी जगह अब दूसरे कानूनी रास्तों का इस्तेमाल किया जाएगा. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इन नए तरीकों से ज्यादा राजस्व भी आएगा. उनका दावा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनकी शक्ति को कम नहीं बल्कि और मजबूत करता है.
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ट्रंप के इस कदम से अमेरिका और दुनिया भर में ट्रेड पॉलिसी को लेकर भ्रम और बढ़ गया है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले और उसके बाद ट्रंप की प्रतिक्रिया ने ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता पैदा कर दी है. भारत जैसे देशों के लिए यह बदलाव खास मायने रखता है क्योंकि टैरिफ दरें सीधे व्यापार और आयात-निर्यात पर असर डालती हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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