Bharat Express DD Free Dish

NATO पर बरसे ट्रंप, कहा- अमेरिका हमेशा साथ देता है, लेकिन सहयोगी पीछे हट जाते हैं

US Israel Iran conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से तेल और ऊर्जा पर निर्भर देशों को अमेरिका का साथ देना चाहिए. उन्होंने चीन, जापान और दक्षिण कोरिया का उदाहरण देते हुए सहयोगियों की हिचकिचाहट पर नाराजगी जताई.

US Israel Iran conflict: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जो देश होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से तेल और ऊर्जा की आपूर्ति पर निर्भर हैं, उन्हें अमेरिका की मदद करनी चाहिए. उन्होंने इस बात पर निराशा जताई कि कई सहयोगी देश आगे आने से हिचक रहे हैं. ट्रंप ने कहा कि इन देशों को सिर्फ धन्यवाद नहीं बल्कि सहयोग भी करना चाहिए.

चीन, जापान और दक्षिण कोरिया का उदाहरण

ट्रंप ने बताया कि जापान अपनी लगभग 95 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतें इसी समुद्री रास्ते से पूरी करता है. चीन करीब 91 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया भी अपनी ऊर्जा का बड़ा हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से हासिल करता है. उन्होंने कहा कि ऐसे देशों को अमेरिका का आभार जताने के साथ-साथ मदद भी करनी चाहिए.

ब्रिटेन से बातचीत

ट्रंप ने ब्रिटेन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से नौसेना की मदद मांगी थी. उन्होंने कहा कि अगर ब्रिटेन युद्धपोत और बारूदी सुरंग हटाने वाले जहाज भेजता तो यह काफी मददगार होता. लेकिन ट्रंप के अनुसार ब्रिटेन की प्रतिक्रिया हिचकिचाहट भरी रही. स्टार्मर ने कहा कि वह अपनी टीम से सलाह करेंगे, जिस पर ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री को खुद फैसला लेना चाहिए.

देर से मिली पेशकश

ट्रंप ने कहा कि जब ब्रिटेन ने बाद में सहयोग की पेशकश की, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. उन्होंने कहा कि जीत हासिल करने के बाद उन्हें किसी की मदद की जरूरत नहीं थी, बल्कि शुरुआत में सहयोग चाहिए था.

नाटो पर फिर सवाल

ट्रंप ने नाटो को लेकर अपनी पुरानी चिंता दोहराई. उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा अपने सहयोगियों के लिए खड़ा रहता है, लेकिन जब अमेरिका को जरूरत होती है तो कई देश पीछे हट जाते हैं. उन्होंने कहा कि यही नाटो की सबसे बड़ी समस्या है.

जहाजों की सुरक्षा पर चिंता

ट्रंप ने क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि अभी तक यह साफ नहीं है कि समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाई गई हैं या नहीं, लेकिन इस आशंका से ही अरबों डॉलर के जहाज चलाने वाली कंपनियां डर जाती हैं.

ये भी पढ़ें-पाकिस्तान का अफगानिस्तान के काबुल पर बड़ा एयरस्ट्राइक, हमले में करीब 400 लोगों की मौत, 250 घायल

ट्रंप के बयान से साफ है कि अमेरिका चाहता है कि ऊर्जा आपूर्ति पर निर्भर देश उसकी सैन्य कार्रवाई में सहयोग करें. उन्होंने सहयोगियों की हिचकिचाहट पर नाराज़गी जताई और कहा कि अमेरिका हमेशा दूसरों के लिए खड़ा रहता है, लेकिन जब अमेरिका को मदद चाहिए होती है तो कई देश पीछे हट जाते हैं.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read