Bharat Express DD Free Dish

भारतीय मूल के डॉक्टर ने अमेरिका में रचा इतिहास, अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष बने डॉ. श्रीनिवास मुक्कमाला

डॉ. श्रीनिवास ‘बॉबी’ मुक्कमाला (Srinivas Mukkamala) को अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (AMA) का 180वां अध्यक्ष चुना गया है. वह इस प्रतिष्ठित संगठन के 178 वर्षों के इतिहास में पहले भारतीय मूल के व्यक्ति हैं जिन्हें अध्यक्ष चुना गया है.

Srinivas Mukkamala

डॉ. श्रीनिवास मुक्कमाला

डॉ. श्रीनिवास ‘बॉबी’ मुक्कमाला (Srinivas Mukkamala) को अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (AMA) का 180वां अध्यक्ष चुना गया है. वह इस प्रतिष्ठित संगठन के 178 वर्षों के इतिहास में पहले भारतीय मूल के व्यक्ति हैं जिन्हें अध्यक्ष चुना गया है. इस ऐतिहासिक अवसर पर डॉ. मुक्कमाला ने कहा, “इस पल को केवल ‘विनम्रतापूर्ण’ कहना इसके भाव को पूरी तरह नहीं दर्शाता. यह एक प्रेरणादायक और भावुक करने वाला क्षण है.”

Srinivas Mukkamala के ब्रेन में मिला था ट्यूमर

AMA के अनुसार, पिछले वर्ष नवंबर में डॉ. मुक्कमाला के मस्तिष्क के बाएं हिस्से में 8 सेमी का टेम्पोरल लोब ट्यूमर पाया गया. केवल तीन सप्ताह के भीतर उनकी सर्जरी की गई, जिसमें ट्यूमर का 90 प्रतिशत हिस्सा सफलतापूर्वक निकाल दिया गया. 53 वर्षीय डॉ. मुक्कमाला दो बच्चों के पिता हैं.

Srinivas Mukkamala ने क्या कहा?

Srinivas Mukkamala ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए केवल एक व्यक्तिगत संघर्ष नहीं रहा, बल्कि इसने उन्हें अपने नेतृत्व के उद्देश्य की फिर से याद दिलाई- अमेरिका की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक न्यायसंगत और बेहतर बनाने की दिशा में काम करना.

डॉ. मुक्कमाला (Srinivas Mukkamala) ने स्वीकार किया कि उन्हें सर्वश्रेष्ठ इलाज मिला, लेकिन यह सभी मरीजों के लिए संभव नहीं है. उन्होंने कहा, “आज भी बहुत से लोग यह सोचने पर मजबूर हैं कि क्या बीमा उनका इलाज कवर करेगा, दवाइयों की कीमतें कितनी होंगी, या उन्हें किसी विशेषज्ञ से मिलने के लिए कितने समय इंतजार करना पड़ेगा.”

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि, “हमारी स्वास्थ्य प्रणाली को हर राज्य और विशेषज्ञता से कुशल चिकित्सकों के नेतृत्व की आवश्यकता है. AMA को पहले से कहीं ज़्यादा मजबूती और एकजुटता के साथ अपनी भूमिका निभानी होगी.”

यह भी पढ़ें- “जो कुछ हुआ वह बहुत ज्यादा हो गया था”, बढ़ती दूरियों के बीच एलन मस्क ने ट्रंप से मांगी माफी, एक्स पर लिखी ये बातें

6 से 11 जून तक चली AMA हाउस ऑफ डेलीगेट्स की बैठक के दौरान एक नई नीति को अपनाया गया है, जिसका उद्देश्य है-

आम जनता को अत्यधिक प्रसंस्कृत (ultraprocessed) और स्वास्थ्यप्रद खाद्य पदार्थों के बीच अंतर की जानकारी देना.

सभी स्तरों की चिकित्सा शिक्षा में पोषण से जुड़ी शिक्षा को शामिल करना.

चिकित्सकों को सक्षम बनाना ताकि वे अपने मरीजों को संतुलित और स्वास्थ्यवर्धक आहार अपनाने के लिए बेहतर सलाह दे सकें.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read